Naresh Bhagoria
11 Jan 2026
Naresh Bhagoria
11 Jan 2026
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11 Jan 2026
भोपाल। वर्ष 2026 को मप्र सरकार कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाएगी। इसकी शुरुआत भोपाल के जंबूरी मैदान में की गई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा हमारे लिए किसान कल्याण मनाने के लिए 16 मंत्रालयों को जोड़कर किसानों की आय बढ़ाने का फैसला किया है। सिर्फ खेती नहीं, दुग्ध उत्पादन, फल उत्पादन, पशुपालन, मछली उत्पादन से किसानों की आय बढ़ाने की कल्पना की है। उन्होंने कहा कि खाद की सूचना अब मोबाइल पर मिलेगी।
डॉ. यादव ने कहा कि एक शेर खड़ा कर दो, वो हजारों भेड़ को ठिकाने लगा सकता है, ये हमारा वर्तमान नेतृत्व है। हमारा नेतृत्व करने वाले 56 इंच के सीने वाले नरेंद्र मोदी हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वजह से हमें काम करने की प्रेरणा मिल रही है। हमारा मालवा हरा-भरा हो गया, पूरा निमाड़ हरा-भरा हो गया। लेकिन मां नर्मदा अतीत काल से आशीर्वाद दे रही है। नर्मदा पर प्रधानंत्री नरेंद्र मोदी ने सरदार सरोवर बांध बनवाया तो हमारे प्रदेश को भी इसका फायदा मिला।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कांग्रेस ने बांध बनाने में कंजूसी की। बहनों के लिए हमारी सरकार ने 1500 रुपए चालू किया तो पीएम मोदी के आशीर्वाद से। किसानों को सम्मान निधि दी जा रही है। किसाना वर्षों से काम कर रहे लेकिन किसानों को फूटी कौड़ी देने का काम कांग्रेस ने नहीं किया। किसान सम्मान निधि 6 हजार रुपए नरेंद्र मोदी ने और 6 हजार रुपए तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने देना शुरू किया। ये हमारी भावना है कि हम सबका सम्मान रखते हैं। भविष्य में किसानों को उद्योगों में भागीदार बनाएंगे, सब्सिडी देंगे। उन्होंने कहा कि 10 तरह की योजनाओं का लाभ दिलाएंगे।

डॉ. यादव ने कहा कि हम कृषि क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं। दुग्ध उत्पादन को कांग्रेस ने बढ़ावा नहीं दिया। अब हमारी सरकार ने 25 गोमाता को लेकर 40 लाख की योजना बनाने की शुरुआत की है। कई योजनाएं शुरू की गई हैं। नदी जोड़ो के माध्यम से केन बेतवा, पार्वती कालीसिंध की योजना भी लाभ देगी। 16 प्रतिशत की ग्रोथ रेट कृषि में है। सोयाबीन में भावांतर का लाभ दिया गया। हम भावांतर योजना में किसानों को एमएसपी जैसा भाव दिलाकर माने। अब सहकारिता, एमएसएमई सभी विभाग कृषि में सहयोग करेंगे। किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए जगह-जगह फूड प्रोसेसिंग यूनिट लगाई जाएगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घोषणा की कि डिंडोरी में श्रीअन्न अनुसंधान केंद्र की स्थापना की जाएगी तथा कोदो-कुटकी की खरीदी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की जाएगी, जिससे आदिवासी और छोटे किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार तीन वर्षों में 30 लाख किसानों को सोलर पंप उपलब्ध कराएगी, जिससे उन्हें मुफ्त बिजली मिलेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में चल रही नदी जोड़ो परियोजनाओं से करीब 16 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। साथ ही चना और सरसों की खेती पर विशेष शोध किया जाएगा तथा खाद की आपूर्ति व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश देश का एकमात्र राज्य है, जिसने 'कृषक कल्याण वर्ष' मनाने की शुरुआत की है। किसानों की आय बढ़ाने, प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा देने तथा कृषि को तकनीक आधारित और लाभकारी बनाने के लिए सरकार निरंतर ठोस निर्णय ले रही है।

इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ट्रैक्टर रैली का शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि अब एक की बजाए 16 मंत्रालय को एक मंच पर लाए जो किसानों की जिंदगी बेहतर बनाने का काम करेंगे। हमारी कृषि दर 16 प्रतिशत से बढ़ रही है तो किसानों की आय बढ़ाने के लिए, लागत घटाने के लिए उनके जीवन में सुख के दरवाजे दिखाने के लिए इसी प्रकार के संकल्प की आवश्यकता है। डॉ. यादव ने कहा कि आज तो शुरुआत हुई है, शुरुआत में बगैर ट्राली के ट्रैक्टरों की लंबी कतार देखने को मिली है। साल भर अलग-अलग योजनाओं के माध्यम से काम किए जाएंगे। जैसे पिछले वर्ष में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित की गई, उसी तरह किसानों के कल्याण के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मालवा, चंबल, महाकोशल, विंध्य, बुंदेलखंड में किसान भाई-बहनों के लिए जितना बन सकता है, उससे आगे बढ़कर काम करेंगे।