Aniruddh Singh
19 Jan 2026
Aniruddh Singh
19 Jan 2026
Aniruddh Singh
19 Jan 2026
Aniruddh Singh
19 Jan 2026
ओहामा। ख्यात निवेशक वॉरेन बफेट की कंपनी बर्कशायर हैथवे ने जापान की बड़ी ट्रेडिंग कंपनी मित्सुबिशी कॉर्प में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 10.23% कर दी है। पहले यह हिस्सेदारी 9.74% थी। इस खबर के बाद न सिर्फ मित्सुबिशी के शेयरों में तेजी देखने को मिली, बल्कि जापान की अन्य बड़ी ट्रेडिंग कंपनियों के शेयर भी ऊपर चढ़ गए और इससे टोक्यो के निक्केई 225 इंडेक्स में तेजी देखने को मिली। असल में वॉरेन बफेट लंबे समय से जापान की इन कंपनियों को बहुत महत्व देते रहे हैं। इन्हें सोगो शोषा कहा जाता है,जिनमें 5 दिग्गज कंपनियां आती हैं–मित्सुबिशी, इटोचू, मरुबेनी,मित्सुई और सुमितोमो। ये कंपनियां जापान और दुनिया भर में ऊर्जा, धातु, खाद्य पदार्थ, इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी और फाइनेंस तक अलग-अलग तरह के कारोबार करती हैं । बफेट का मानना है कि इन कंपनियों का बिजनेस मॉडल काफी हद तक बर्कशायर हैथवे जैसा है, क्योंकि बर्कशायर भी विभिन्न क्षेत्रों में निवेश करती है और अपने कारोबार को एक ही उद्योग तक सीमित नहीं रखती।
वॉरेन बफेट जैसा कोई बड़ा निवेशक जब किसी कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाता है, तो यह शेयर बाजार के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जाता है। इससे बाकी निवेशकों को भरोसा मिलता है कि कंपनी मजबूत है और उसके लंबे समय तक अच्छा प्रदर्शन करने की संभावना है। यही कारण है कि मित्सुबिशी के शेयर 2.5% बढ़ गए और बाकी कंपनियों के शेयर भी 1.5% से 3.5% तक चढ़ गए। वॉरेन बफेट ने पहले ही यह संकेत दिया था कि वे इन जापानी कंपनियों में लंबे समय तक निवेश बनाए रखेंगे और अपनी हिस्सेदारी 10% से भी अधिक कर सकते हैं। 2024 के अंत में उन्होंने इन 5 कंपनियों से ऐसे समझौते भी कर लिए थे, जिनसे उन्हें 10% से ऊपर हिस्सेदारी बढ़ाने का अधिकार मिल गया।
बर्कशायर हैथवे के इस निवेश से यह स्पष्ट होता है कि बफेट जापान की अर्थव्यवस्था और इन ट्रेडिंग कंपनियों की वैश्विक भूमिका को लेकर काफी आश्वस्त हैं। इस खबर का एक बड़ा मतलब यह भी है कि जापान की अर्थव्यवस्था और उसकी वैश्विक कंपनियां अब फिर से निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन रही हैं। दुनिया भर के कई निवेशक बफेट के फैसलों को एक संकेत की तरह देखते हैं। अगर बफेट ने किसी सेक्टर या कंपनी में भरोसा जताया है, तो इसका असर बाकी निवेशकों के रुख पर भी पड़ता है। यही कारण है कि मित्सुबिशी और अन्य कंपनियों में शेयर खरीदने की होड़ बढ़ गई है। कुल मिलाकर, बर्कशायर हैथवे द्वारा मित्सुबिशी में हिस्सेदारी बढ़ाने का मतलब है कि वॉरेन बफेट जापान की इन बड़ी ट्रेडिंग कंपनियों को भविष्य के लिए बेहद मजबूत मानते हैं। यह कदम जापानी शेयर बाजार में भरोसा जगाने वाला है और वैश्विक निवेशकों के लिए भी एक संकेत है कि जापान में अवसर मौजूद हैं।