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Vishwesh Negi:ईरान संकट के बीच भारत का बड़ा फैसला! विश्वेश नेगी बने नए राजदूत, क्यों है यह नियुक्ति बेहद अहम?

भारत सरकार ने वरिष्ठ IFS अधिकारी विश्वेश नेगी को ईरान में भारत का नया राजदूत नियुक्त किया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बढ़ रहा है।
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ईरान संकट के बीच भारत का बड़ा फैसला! विश्वेश नेगी बने नए राजदूत, क्यों है यह नियुक्ति बेहद अहम?
IFS अधिकारी विश्वेश नेगी को ईरान में भारत का नया राजदूत नियुक्त किया

भारत सरकार ने IFS के वरिष्ठ अधिकारी विश्वेश नेगी को ईरान में भारत का नया राजदूत नियुक्त किया है। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है, जब मिडिल ईस्ट में तनाव लगातार बढ़ रहा है और ईरान से जुड़े हालात पूरी दुनिया की चिंता का कारण बने हुए हैं।  विदेश मंत्रालय (MEA) ने आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि विश्वेश नेगी फिलहाल मंत्रालय में संयुक्त सचिव (Joint Secretary) के पद पर कार्यरत हैं। अब उन्हें ईरान में भारत का अगला राजदूत बनाया गया है। मंत्रालय के अनुसार, वह जल्द ही अपनी नई जिम्मेदारी संभालेंगे।

विदेश मंत्रालय ने जारी किया आधिकारिक बयान

विदेश मंत्रालय ने बताया कि विश्वेश नेगी वर्ष 2002 बैच के भारतीय विदेश सेवा (IFS) अधिकारी हैं। उन्होंने अपने लंबे करियर में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं। मंत्रालय ने कहा कि उनके अनुभव और कूटनीतिक समझ को देखते हुए उन्हें ईरान जैसे महत्वपूर्ण देश में भारत का प्रतिनिधित्व करने की जिम्मेदारी दी गई है।

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विश्वेश नेगी के पास है लंबा अनुभव

विश्वेश नेगी भारत के अनुभवी राजनयिकों में गिने जाते हैं।विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव बनने से पहले उन्होंने रक्षा मंत्रालय में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। वहां वह संयुक्त सचिव (अंतरराष्ट्रीय सहयोग) के पद पर कार्यरत थे। इसके अलावा उन्होंने कई देशों में भारतीय दूतावासों और मिशनों में भी अहम जिम्मेदारियां संभाली हैं। अंतरराष्ट्रीय मामलों और विदेश नीति को लेकर उन्हें गहरा अनुभव माना जाता है।

तनाव के बीच हुई अहम नियुक्ति

विश्वेश नेगी की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है, जब मिडिल ईस्ट में हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। ईरान, अमेरिका और अन्य देशों के बीच बढ़ते तनाव का असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है। खासकर समुद्री व्यापार और तेल आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ी हुई है। ऐसे माहौल में भारत ने एक अनुभवी अधिकारी को ईरान भेजने का फैसला लिया है, ताकि दोनों देशों के बीच संवाद मजबूत बना रहे।

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भारत की सबसे बड़ी चिंता क्या है?

भारत की सबसे बड़ी चिंता होर्मुज स्ट्रेट (Hormuz Strait) और अन्य समुद्री व्यापारिक मार्गों की सुरक्षा को लेकर है। यह समुद्री रास्ता दुनिया के सबसे व्यस्त तेल परिवहन मार्गों में से एक है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा इसी क्षेत्र से पूरा करता है। अगर इस मार्ग पर कोई संकट पैदा होता है, तो उसका असर भारत सहित कई देशों की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। इसी वजह से भारत लगातार ईरान के साथ संपर्क बनाए हुए है।

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नाविकों और व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा पर जोर

भारत ने साफ कहा है कि किसी भी स्थिति में व्यापारिक जहाजों (Commercial Shipping) और भारतीय नाविकों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। भारत चाहता है कि समुद्री रास्तों पर किसी तरह का हमला न हो और अंतरराष्ट्रीय व्यापार बिना किसी रुकावट के चलता रहे।

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एस. जयशंकर ने ईरानी विदेश मंत्री से की बातचीत

हाल ही में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से टेलीफोन पर बातचीत की। इस बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया में बदलते सुरक्षा हालात पर विस्तार से चर्चा की। जयशंकर ने भारत की चिंता जाहिर करते हुए कहा कि किसी भी हाल में व्यापारिक जहाजों और नाविकों पर हमला नहीं होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि भारत ऐसे किसी भी हमले की निंदा करता है, चाहे वह किसी भी पक्ष की ओर से किया जाए।

भारत ने फिर दोहराई अपनी नीति

विदेश मंत्री ने कहा कि भारत हमेशा बातचीत और कूटनीति के जरिए विवाद सुलझाने में विश्वास रखता है। उन्होंने बताया कि ईरान ने भी मौजूदा हालात और चल रही बातचीत के बारे में अपना पक्ष भारत के सामने रखा। भारत का मानना है कि युद्ध या सैन्य कार्रवाई की बजाय बातचीत से समाधान निकालना ही सबसे बेहतर रास्ता है।

अमेरिका ने भी दिए बातचीत के संकेत

इसी बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कहा है कि ईरान के साथ बातचीत जल्द शुरू हो सकती है। उन्होंने बताया कि मध्यस्थों के जरिए दोनों देशों के बीच वार्ता की तैयारी चल रही है। यदि बातचीत सफल होती है, तो क्षेत्र में बढ़ते तनाव को कम करने में मदद मिल सकती है।

ईरान और ओमान के बीच भी चल रही बातचीत

ईरान की सरकारी मीडिया के अनुसार, ईरान और ओमान के बीच भी महत्वपूर्ण बातचीत अंतिम चरण में पहुंच गई है। बताया जा रहा है कि दोनों देश समुद्री व्यापार को सुचारु बनाए रखने के लिए संयुक्त संचालन व्यवस्था (Joint Operational System) पर चर्चा कर रहे हैं।

Garima Vishwakarma
By Garima Vishwakarma

गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...Read More

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