Strait of Hormuz:होर्मुज पर ईरान-ओमान की नई चाल, पुराने रास्ते से अलग बनेगा नया समुद्री रूट!

तेहरान। होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर ईरान और ओमान के बीच बातचीत अब आखिरी दौर में पहुंच गई है। ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, दोनों देश एक नए समुद्री मार्ग को लेकर सहमति बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। यह रास्ता मौजूदा शिपिंग लेन से अलग होगा और दोनों देशों के अधिकारों को ध्यान में रखकर बनाया जाएगा। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कैबिनेट को दी गई रिपोर्ट में बातचीत के जल्द पूरा होने की जानकारी दी है। हालांकि, ईरान ने कहा है कि यह समझौता होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलने से जुड़ा नहीं है।
ईरान-ओमान मिलकर तय करेंगे समुद्री रास्ता
ईरान और ओमान होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों के लिए एक नए रास्ते पर काम कर रहे हैं। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकेई ने बताया कि दोनों देशों के बीच बातचीत अंतिम चरण में है। उनके अनुसार, ऐसा समुद्री मार्ग तैयार किया जाएगा जो ईरान और ओमान दोनों को स्वीकार होगा।
उन्होंने कहा कि यह रास्ता न तो पूरी तरह उत्तरी लेन होगा और न ही दक्षिणी लेन, बल्कि दोनों देशों की सहमति से एक नया विकल्प तैयार किया जाएगा। इस रास्ते का मकसद समुद्री यातायात को बेहतर बनाना और दोनों देशों की सुरक्षा चिंताओं को ध्यान में रखना है।
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क्या होर्मुज स्ट्रेट खुलेगा?
ईरान ने साफ किया है कि ओमान के साथ नए समुद्री रास्ते को लेकर होने वाली डील का मतलब होर्मुज जलडमरूमध्य का खुलना नहीं है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि नया रूट तय करने की बातचीत और स्ट्रेट के संचालन का मुद्दा अलग-अलग है। ईरान का आरोप है कि क्षेत्र में तनाव और समुद्री गतिविधियों में रुकावट के लिए अमेरिका की नीतियां जिम्मेदार हैं। तेहरान का कहना है कि वह अपने सुरक्षा हितों को ध्यान में रखते हुए फैसले ले रहा है।
दुनिया के लिए क्यों अहम है होर्मुज जलडमरूमध्य?
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में शामिल है। यहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। यही वजह है कि इस इलाके में होने वाली हर हलचल का असर अंतरराष्ट्रीय बाजार पर पड़ता है। इस जलडमरूमध्य का उत्तरी हिस्सा ईरान से जुड़ा है, जबकि दक्षिणी हिस्सा ओमान के समुद्री क्षेत्र के करीब आता है। रणनीतिक स्थिति की वजह से यह इलाका लंबे समय से दुनिया की नजरों में रहा है।
अमेरिका-ईरान तनाव के बीच बढ़ी होर्मुज की अहमियत
अमेरिका और इजरायल के साथ संघर्ष के बाद होर्मुज क्षेत्र में तनाव बढ़ गया था। इसके बाद ईरान ने इस समुद्री इलाके में अपनी मौजूदगी और नियंत्रण को मजबूत किया। दूसरी ओर, अमेरिका ने समुद्री सुरक्षा को लेकर कई कदम उठाए। बाद में अंतरराष्ट्रीय कोशिशों से संघर्ष रोकने की पहल हुई, लेकिन क्षेत्रीय तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ। इसी बीच ईरान और ओमान के बीच नया समुद्री रास्ता बनाने की बातचीत शुरू हुई।
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ईरान ने सुरक्षा को लेकर दिया सख्त संदेश
ईरान के कार्यवाहक रक्षा मंत्री सैयद माजिद एब्न अल-रेजा ने कहा कि देश किसी भी खतरे को हल्के में नहीं लेगा। उन्होंने कहा कि ईरान अपनी सुरक्षा तैयारियों को मजबूत करता रहेगा और किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है। तेहरान का कहना है कि नए समुद्री रास्ते की योजना उसके राष्ट्रीय हितों और सुरक्षा को ध्यान में रखकर बनाई जा रही है।











