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यूजीसी नियमों का बढ़ता विरोध :विदिशा में जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट को करणी सेना ने रोका

विदिशा जिले में यूजीसी नियमों के विरोध में गांवों से लेकर कस्बों तक में सवर्णों की बैठकें और विरोध में रैलियां निकालकर सौंपे जा रहे ज्ञापन
विदिशा में जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट को करणी सेना ने रोका
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    विदिशा। यूजीसी नियमों का विरोध बढ़ता जा रहा है। इसी क्रम में बुधवार को जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट भोपाल से कुरवाई कोटा बैराज के निरीक्षण के लिए जा रहे थे, जिनको विदिशा के विवेकानंद चौराहे पर राष्ट्रीय करणी सेना के साथ सवर्ण संगठनों ने रोक लिया और ज्ञापन सौंपा। मंत्री सिलावट ने सवर्ण संगठनों को भरोसा दिलाया कि उनकी भावनाओं और मांग को उचित फोरम पर रखेंगे। 

    दरअसल जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट कुरवाई जा रहे थे, जहां कोटा बैराज की समीक्षा आदि होना थी। इसी के चलते मंत्री सिलावट को विदिशा के विवेकानंद चौराहे पर भाजपा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य मनोज कटारे और अतुल तिवारी के साथ ही अन्य कार्यकर्ताओं ने रोका और उनका स्वागत किया। यहीं पर मौजूद राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के कार्यकतार्ओं गोविंद सिंह राजपूत, राजाराम, पुष्पेंद्र सिंह, बबीता सिंह चौहान ने यूजीसी नियमों का विरोध करते मंत्री तुलसी सिलावट के समक्ष यूजीसी नियमों को सवर्ण समाज के खिलाफ एकतरफा बताते हुए तत्काल वापस लेने की मांग की। करणी सेना के कार्यकर्ताओं का कहना थाा कि यह नियम समाज के हितों के विपरीत है और इससे असंतोष बढ़ रहा है। इससे समाज में बेवजह टकराव बढेÞगा। इस पर  मंत्री तुलसी सिलावट ने करणी सेना और सवर्ण संगठनों के प्रतिनिधिमंडल की बात सुनी और उचित मंच पर विषय रखने का आश्वासन दिया। इसके बाद ही मंत्री का कारवां आगे बढ़ सका। 

    सिरोंज में वाहन रैली के बाद सौंपा गया ज्ञापन
         ज्ञात हो कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के द्वारा लागू किए गए उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने के नियम 2026 का विरोध देशभर में सामान्य वर्ग के द्वारा किया जा रहा। इसी के चलते सिरोंज में यूजीसी नियम के विरोध में सवर्ण समाज की बैठक रघुवंशी धर्मशाला में हुई। बैठक में एकमत से यूजीसी नियम वापिस न होने तक आंदोलन का संकल्प लिया गया एवं स्पष्ट किया कि दलित और पिछड़े वर्ग के छात्रों के साथ किसी भी तरह का अन्याय नहीं होना चाहिए, लेकिन नियम बनाते समय सामाजिक संतुलन का ध्यान रखना जरूरी है। वक्ताओं ने साफ कहा कि हिंदू समाज में आपसी एकता को खत्म करके टकराव बढ़ाने वाले यूजीसी नियम साजिशन बनाए गए हैं, जिनको तत्काल समाप्त करके इसके जिम्मेदारों पर कार्रवाई होनी चाहिए। 

    काली पट्टी बांधी और रैली निकालकर सौंपा ज्ञापन
    सिरोंज में सकल सवर्ण संगठनों की बैठक के बाद सभी ने बांह पर विरोध जताते काली पट्टी बांधी और रघुवंशी धर्मशाला से सैकड़ों की संख्या में पैदल मार्च करते और विरोध में नारेबाजी करते हुए जय स्तंभ चौक पर प्रदर्शन किया। इस दौरान सकल सवर्ण समाज सिरोंज के तत्वाधान में वाहन रैली निकालकर राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री के नाम तहसील में ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान यूजीसी के नये नियमों के विरोध में जमकर नारेबाजी करते हुए इनको वापस लेने की मांग की गई। प्रदर्शनकारियों ने काला कानून वापस लो के नारे लगाते हुए इसको वापस लेने की मांग की। 

    Vijay S. Gaur
    By Vijay S. Gaur

    विजय एस. गौर, पीपुल्स समाचार में रीजनल एडीटर हैं। साथ ही राजनीति, ब्यूरोक्रेसी, क्राइम, खेती-किसानी,...Read More

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