Naresh Bhagoria
28 Jan 2026
नई दिल्ली। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के विमान हादसे को लेकर सिविल एविएशन मिनिस्ट्री ने एक विस्तृत प्रारंभिक रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट में चार्टर्ड विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से पहले की गतिविधियों का मिनट-दर-मिनट विवरण दिया गया है। शुरुआती जांच में खराब मौसम और कम दृश्यता को हादसे की प्रमुख वजह माना गया है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि पूरे घटनाक्रम की गहन जांच जारी है।

केंद्रीय सिविल एविएशन मिनिस्टर राममोहन नायडू ने हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए कहा, “शुरुआती जानकारी के मुताबिक सुबह करीब 8:48 बजे लैंडिंग के समय विजिबिलिटी कम थी। DGCA और AAIB की टीम जांच कर रही है।” उन्होंने बताया कि लैंडिंग से पहले पायलट का बारामती एयरफील्ड से संपर्क हुआ था, जिसमें पायलट ने स्पष्ट किया था कि रनवे दिखाई नहीं दे रहा है। रनवे साफ न दिखने के कारण विमान ने कुछ समय तक हवा में चक्कर लगाए। मंत्री के अनुसार, दूसरी बार भी लैंडिंग की कोशिश की गई, लेकिन दृश्यता में सुधार नहीं हुआ। कुछ देर बाद पायलट ने एक बार फिर उतरने का प्रयास किया। पहले ATC के सवालों का जवाब नहीं मिला, लेकिन बाद में पायलटों ने रनवे दिखाई देने की सूचना दी। इसके बाद ATC ने लैंडिंग की अनुमति दी, हालांकि कुछ ही समय बाद विमान के क्रैश होने की सूचना मिल गई।

मंत्रालय ने बताया कि यह रिपोर्ट हवाई अड्डे पर मौजूद ATC सर्विस से जुड़े एक कर्मचारी के बयान के आधार पर तैयार की गई है। बारामती एक अनियंत्रित हवाई अड्डा है, जहां पूर्ण एयर ट्रैफिक कंट्रोल यूनिट मौजूद नहीं है। यहां उड़ान प्रशिक्षण संगठनों से जुड़े प्रशिक्षक या पायलट ही यातायात संबंधी जानकारी साझा करते हैं। दुर्घटनाग्रस्त विमान की पहचान VI-SSK के रूप में की गई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, 28 जनवरी 2026 को विमान ने सुबह 8:18 बजे पहली बार बारामती से संपर्क किया था। इसके बाद जब विमान एयरफील्ड से 30 समुद्री मील दूर था, तब दोबारा संपर्क साधा गया। पायलट को अपने विवेक से विजुअल मेट्रोलॉजिकल कंडीशन में उतरने की सलाह दी गई। इसके तुरंत बाद पायलट ने हवा की गति और दृश्यता के बारे में जानकारी मांगी। जवाब में बताया गया कि हवा शांत है और दृश्यता लगभग 3000 मीटर है। इसके बाद विमान ने रनवे 11 पर अंतिम अप्रोच की सूचना दी, लेकिन यह भी कहा कि रनवे दिखाई नहीं दे रहा है। इस पर पायलट ने लैंडिंग रोकते हुए विमान को ऊपर उड़ा लिया।

दूसरे चक्कर के दौरान पायलट ने फिर रनवे 11 पर उतरने की सूचना दी। उनसे कहा गया कि रनवे दिखने पर जानकारी दें। पायलट ने जवाब दिया, “अभी रनवे नहीं दिख रहा है, दिखने पर बताएंगे।” कुछ ही सेकंड बाद उन्होंने रनवे दिखने की बात कही। सुबह 8:43 बजे विमान को लैंडिंग की अनुमति दी गई। मंत्रालय के अनुसार, पायलट की ओर से लैंडिंग क्लियरेंस की पुष्टि नहीं की गई। रिपोर्ट के मुताबिक बारमती हवाई अड्डे से लगभग 20 किलोमीटर दूर सिग्नल बंद हो गए, उस समय विमान जमीन से लगभग एक किलोमीटर ऊपर था और 237 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ रहा था। इसके बाद, सुबह 8:46:02 बजे एक सीसीटीवी फुटेज में आग का गोला और धुएं का विशाल गुबार कैद हो गया। यह प्लेन का धमाका था। इसके बाद तत्काल आपात सेवाएं मौके पर भेजी गईं। विमान का मलबा रनवे के बाईं ओर पाया गया। हादसे में अजित पवार सहित उनके दो स्टाफ सदस्य, एक निजी सुरक्षा अधिकारी और एक सहायक की मौत हो गई। मामले की जांच विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) कर रहा है।