Naresh Bhagoria
27 Jan 2026
Garima Vishwakarma
27 Jan 2026
इंदौर। भागीरथपुरा क्षेत्र में फैले दूषित पेयजल संकट ने एक और परिवार की खुशियां छीन लीं। प्रशासनिक लापरवाही और जल प्रदाय विभाग की अनदेखी के चलते मंगलवार को 62 वर्षीय खूबचंद बंधोनिया की मौत हो गई। वे पिछले कई दिनों से उल्टी-दस्त की गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। इस मौत के साथ ही क्षेत्र में दूषित पानी से जुड़ी मौतों का आंकड़ा बढ़कर 29 तक पहुंच गया है, जबकि प्रशासन लगातार स्थिति सामान्य होने का दावा करता रहा है।
खूबचंद बंधोनिया अपने समय के चर्चित पहलवान रहे हैं। अखाड़े में बड़े-बड़े पहलवानों को धूल चटाने वाले खूबचंद घर तक पहुंच रहे नलों के दूषित पानी के आगे बेबस साबित हुए। उनके पुत्र रोहित बंधोनिया ने बताया कि पिता पहले मिल में कार्यरत थे और स्वस्थ जीवन जी रहे थे, लेकिन अचानक तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, जहां उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
भागीरथपुरा में पेयजल और सीवरेज लाइनों के आपस में मिल जाने से पूरा इलाका संक्रमण की चपेट में है। उल्टी-दस्त के मरीज लगातार सामने आ रहे हैं, अस्पतालों में दबाव बना हुआ है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी अब भी कागजी जांच और औपचारिकताओं तक ही सीमित नजर आ रहे हैं। यह मौत उन तमाम प्रशासनिक दावों पर सवाल खड़े करती है, जिनमें जनता की सुरक्षा और हालात नियंत्रण में होने की बात कही जा रही है। 29 मौतों के बाद भी पाइपलाइनों की स्थायी मरम्मत और जिम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं होना यह दर्शाता है कि सिस्टम में आम नागरिक की जान की कीमत कितनी कम है।
1. 27–30 दिसंबर 2025:
भागीरथपुरा में पानी से जुड़ी शिकायतें शुरू हुईं, स्थानीय लोग नलों पानी में बदबू और संदिग्ध रंग होने की शिकायत कर रहे थे। इसी दौरान पहले रोगी उल्टी, दस्त जैसे लक्षणों के साथ अस्पताल पहुंचे। कई समाचारों के अनुसार पहली मौतें इसी दौरान दर्ज होने लगीं।
2. 31 दिसंबर 2025:
इन्दौर के मेयर ने सार्वजनिक रूप से कहा कि कम से कम 7 लोग दूषित पानी से उत्पन्न स्वास्थ्य समस्या से मरे हैं, जबकि स्वास्थ्य विभाग द्वारा 3–4 मौतों की पुष्टि हुई। इस दिन प्रशासन ने उच्च स्तरीय अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की घोषणा भी की।
3. 1–5 जनवरी 2026:
पानी से हुई बीमारियों के कारण अस्पतालों में भारी भीड़ देखी गई, और मौतों की संख्या 10–17 तक बताई गई, जिसमें लोगों के अनुसार 6 महीने के शिशु समेत वरिष्ठ नागरिक भी शामिल थे। प्रशासन और स्थानीय लोग मृतकों की संख्या को लेकर भिड़ते रहे।
4. 8–14 जनवरी 2026:
विशेषज्ञ पैनल और सरकारी रिपोर्टों में संश्लेषित आंकड़ों के मुताबिक कम से कम 15 लोगों की मौत दूषित पानी से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के कारण हुई है। स्थानीय लोग और परिवार इस आंकड़े को भी कम बताते हुए वास्तविक संख्या को अधिक मानते हैं।
5. 20–26 जनवरी 2026:
हाईकोर्ट सुनवाई में प्रशासन ने बताया कि 23 मौतों से कम नहीं, लेकिन सिर्फ 16 मौतों को साफ-सीधे दूषित पानी से जोड़कर पुष्टि की जा सकती है, जबकि अन्य मौतों की वजह शंकास्पद बताई जा रही है। स्थानीय निवासियों और पीड़ित परिवारों का कहना है कि कम से कम 29 मौतें इसी जल संकट के कारण हुई हैं।
6. 27 जनवरी 2026:
भागीरथपुरा में मंगलवार को 62 वर्षीय पूर्व पहलवान खूबचंद बंधोनिया की जान चली गई, जिससे मृतकों की संख्या एक बार फिर बढ़कर रिपोर्ट किए अनुसार 29 हो गई है। परिवारियों ने इस मौत का कारण साफ-सीधे दूषित पानी को बताया है।