Naresh Bhagoria
4 Feb 2026
Aakash Waghmare
4 Feb 2026
उत्तरकाशी जनपद के नौगांव बाजार में शनिवार को बादल फटने से भारी नुकसान हुआ। घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संज्ञान लिया और जिलाधिकारी से तत्काल वार्ता की। उन्होंने राहत और बचाव कार्यों को युद्धस्तर पर संचालित करने के निर्देश दिए।
सीएम धामी के निर्देश पर जिला प्रशासन, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें प्रभावित क्षेत्रों के लिए रवाना हो चुकी हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर तुरंत पहुंचाया जाए और किसी भी तरह की मदद में देरी न हो। साथ ही उन्होंने ईश्वर से सभी की कुशलता की प्रार्थना की।
आईआईटी रुड़की के शोधकर्ताओं अक्षत वशिष्ठ, शिवानी जोशी और श्रीकृष्ण सिवा सुब्रमण्यम ने अपने अध्ययन में बताया कि हिमालयी क्षेत्र भूकंपीय गतिविधियों के लिहाज से बेहद संवेदनशील है। यहां बार-बार भूस्खलन की घटनाएं सामने आती रहती हैं। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि भविष्य में भूकंप से प्रेरित भूस्खलन उत्तराखंड के लिए गंभीर खतरे का कारण बन सकते हैं।
इस अध्ययन में पहली बार उत्तराखंड के अलग-अलग जिलों में भूकंप से होने वाले भूस्खलनों के जोखिम की जिला-स्तरीय जोनिंग की गई है। इसमें विभिन्न भूकंपीय तीव्रता और भूकंप की वापसी अवधि को आधार बनाया गया।
उत्तरकाशी की घटना ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि उत्तराखंड प्राकृतिक आपदाओं की दृष्टि से बेहद संवेदनशील राज्य है और यहां आपदा प्रबंधन पर लगातार ध्यान देने की आवश्यकता है।