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नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र का बुधवार को छठा दिन रहा। लोकसभा में अमेरिका के साथ हुई टैरिफ डील को लेकर वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने इस समझौते को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इसमें भारत के कृषि और खाद्य क्षेत्रों के हितों की पूरी सुरक्षा की गई है। गोयल के मुताबिक यह डील देश की आर्थिक प्रगति के लिए बेहद लाभकारी साबित होगी।

हालांकि, मंत्री के बयान के दौरान सदन का माहौल काफी गर्म रहा। विपक्षी सांसदों ने लगातार नारेबाजी की और लोकसभा में हंगामा होता रहा। विपक्ष की ओर से ‘LoP (राहुल गांधी) को बोलने दो’, ‘नरेंद्र मोदी–सरेंडर मोदी’ और ‘डरता है डरता है नरेंद्र मोदी डरता है’ जैसे नारे लगाए गए। हंगामे के चलते लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।
इससे पहले, लोकसभा से निलंबित किए गए विपक्ष के 8 सांसदों ने संसद परिसर में पोस्टर दिखाकर विरोध जताया। इन पोस्टरों पर ‘पीएम इज कॉम्प्रोमाइज्ड’ लिखा था। कुछ पोस्टरों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पूर्व थलसेना प्रमुख जनरल नरवणे और जेफ्री एपस्टीन की तस्वीरें भी लगाई गई थीं, जिसको लेकर राजनीतिक विवाद और तेज हो गया।
चेयर की ओर कागज उछालने के आरोप में इन सांसदों को पूरे बजट सत्र के लिए निलंबित किया गया है। बुधवार सुबह जैसे ही लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्ष ने अमेरिका–भारत ट्रेड डील को लेकर जोरदार हंगामा शुरू कर दिया। वहीं आज लगातार नारेबाजी और शोर-शराबे के चलते सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से नहीं चल सकी।
हालात को देखते हुए लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने सदन को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया। कार्यवाही महज करीब 5 मिनट ही चल पाई। इस बीच, संभावना जताई जा रही है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शाम 5 बजे राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लोकसभा में अपना संबोधन दे सकते हैं। हालांकि इस दौरान भी विपक्ष द्वारा हंगामे के आसार है।
वहीं अमेरिका और भारत ट्रेड डील को लेकर समाजवादी पार्टी के सांसद अखिलेश यादव ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यह समझौता किसी डील से ज्यादा सरेंडर जैसा है। अखिलेश यादव के मुताबिक सरकार ने भारतीय बाजार को अमेरिका के लिए खोल दिया है। सपा सांसद ने कहा कि ऐसे फैसलों से देश के आर्थिक और व्यापारिक हित प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने इस पूरे मामले पर सरकार से संसद में स्पष्ट जवाब देने की मांग की।