भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत :पाकिस्तान समर्थित TRF को अमेरिका ने घोषित किया आतंकी संगठन, पहलगाम हमले में 26 पर्यटकों की मौत के बाद कार्रवाई

वॉशिंगटन डीसी। भारत को आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी कूटनीतिक जीत मिली है। अमेरिका ने पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) को विदेशी आतंकवादी संगठन (FTO) और विशेष रूप से नामित वैश्विक आतंकवादी (SDGT) घोषित किया है। यह वही संगठन है जिसने अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की जिम्मेदारी ली थी, जिसमें 26 निर्दोष पर्यटक मारे गए थे।
TRF: लश्कर-ए-तैयबा का मुखौटा संगठन
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने साफ किया कि TRF दरअसल पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का ही एक नया रूप है। TRF को 2019 में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद ISI और लश्कर-ए-तैयबा की मदद से खड़ा किया गया था। इसका मकसद आतंकवाद को नया चेहरा देकर भारत में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देना है।
अमेरिका की कार्रवाई के क्या मायने हैं?
- FTO में शामिल होने के प्रभाव:
- TRF को अमेरिका की Foreign Terrorist Organization सूची में शामिल किया गया है।
- इस लिस्ट में आने का मतलब है कि अमेरिका इस संगठन को अपने नागरिकों और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा मानता है।
- TRF को कोई भी आर्थिक, सैन्य या अन्य सहायता देना अब अमेरिकी कानून के तहत अपराध होगा।
- SDGT का दर्जा:
- अमेरिका ने TRF को Specially Designated Global Terrorist (SDGT) भी घोषित किया है।
- इससे TRF की अमेरिका में मौजूद सभी संपत्तियां जब्त हो जाएंगी।
- इसके सदस्यों पर यात्रा प्रतिबंध, लेनदेन पर रोक और वैश्विक बैंकिंग सिस्टम से बाहर कर दिए जाने जैसे कड़े कदम उठाए जाएंगे।
22 अप्रैल 2025: पहलगाम में भयावह हमला
TRF ने 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम स्थित बैसरन घाटी में 26 पर्यटकों की गोली मारकर हत्या कर दी थी। यह हमला 2008 के मुंबई हमलों के बाद भारत में नागरिकों पर सबसे बड़ा आतंकी हमला माना गया है। TRF ने पहले इस हमले की जिम्मेदारी ली थी लेकिन कुछ दिन बाद उसने बयान बदलते हुए कहा कि उनकी वेबसाइट हैक कर ली गई थी।
भारत की त्वरित प्रतिक्रिया और अमेरिका का समर्थन
भारत सरकार ने TRF को पहले ही 5 जनवरी 2023 को आतंकी संगठन घोषित किया था। अब अमेरिका का साथ मिलना भारत की वैश्विक कूटनीति की बड़ी सफलता मानी जा रही है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "आतंकवाद के खिलाफ भारत-अमेरिका सहयोग की यह मजबूत पुष्टि है। आतंकवाद के लिए भारत की नीति 'जीरो टॉलरेंस' है।"
TRF के बड़े आतंकी हमले
अप्रैल 2020: केरन सेक्टर में हमले में JCO समेत 5 सैनिक शहीद
अक्टूबर 2020: कुलगाम में BJP के 3 कार्यकर्ताओं की हत्या
नवंबर 2020: श्रीनगर-बारामुला हाईवे पर 2 सैनिकों की हत्या
फरवरी 2023: कश्मीरी पंडित संजय शर्मा की गोली मारकर हत्या
अक्टूबर 2024: गांदरबल में डॉक्टर समेत 7 मजदूरों की हत्या
अब TRF की क्या मुश्किलें बढ़ेंगी?
- अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आर्थिक मदद बंद
- TRF से जुड़े लोगों की पहचान और गिरफ्तारी आसान
- अमेरिका सहित अन्य देशों में नेटवर्क ध्वस्त
- आतंकियों पर वैश्विक यात्रा प्रतिबंध
- भारत को आतंकवाद पर वैश्विक सहयोग में मजबूती











