आज के GenZ युवा करियर से हटकर नए और अलग रास्तों की तलाश कर रहे हैं। ऐसे में ज्योतिष विद्या (Astrology) एक ऐसा क्षेत्र बन गया है, जो न सिर्फ आध्यात्मिक संतोष देता है बल्कि सम्मानजनक और स्थिर करियर भी प्रदान करता है। अब कुंडली देखकर भविष्य बताना सिर्फ परंपरा नहीं, बल्कि एक पेशेवर विकल्प बन चुका है। कोरोना के बाद लोगों का झुकाव ज्योतिष की ओर बढ़ा है। इसके चलते इस फील्ड में मांग तेजी से बढ़ी है और इसे आज एक उभरता हुआ करियर माना जा रहा है।
ज्योतिष कोई अंधविश्वास नहीं है, बल्कि यह एक वैज्ञानिक दृष्टि से जुड़ी विद्या है। यदि कोई युवा धैर्य, अनुशासन और अध्ययनशील मन लेकर इस क्षेत्र में आता है, तो वह एक सफल ज्योतिषी बन सकता है। आज दुनिया भर में ज्योतिष 50 बिलियन डॉलर से बड़ी इंडस्ट्री बन चुकी है। कुशल ज्योतिषियों की मांग हर जगह है, चाहे वह भारत हो या विदेश।
किसी भी उम्र में ज्योतिष सीखना संभव है। इसके लिए आध्यात्मिक रुचि, ग्रह-नक्षत्रों में दिलचस्पी और मानव व्यवहार को समझने की जिज्ञासा जरूरी है। ऑनलाइन और ऑफलाइन कोर्स दोनों उपलब्ध हैं। वहीं अनुभवी गुरु से प्रशिक्षण लेने पर ज्ञान और भरोसा दोनों बढ़ते हैं।
1. UG डिप्लोमा इन ज्योतिष और वास्तुशास्त्र
2. PG डिप्लोमा इन ज्योतिष और वास्तुशास्त्र
3. MA आचार्य- MA in Astrology
4. PhD in Astrology
इन संस्थानों में डिप्लोमा, बैचलर, मास्टर्स और पीएचडी लेवल तक के कोर्स उपलब्ध हैं।