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CWG 2026:नाडा की कार्रवाई से टूटा तूलिका मान का सपना, कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले भारत को तगड़ा झटका!

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 से पहले भारतीय जूडो टीम को बड़ा झटका लगा है। 2022 में रजत पदक जीतने वाली तूलिका मान को राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) ने अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है। वेयरअबाउट्स नियमों के उल्लंघन के कारण अब वह ग्लासगो में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों में भारत की ओर से हिस्सा नहीं ले पाएंगी।
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नाडा की कार्रवाई से टूटा तूलिका मान का सपना, कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले भारत को तगड़ा झटका!
तूलिका मान कॉमनवेल्थ टीम से बाहर

नई दिल्ली। ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 से पहले भारतीय खेल जगत के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। देश की स्टार जूडो खिलाड़ी और बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों की रजत पदक विजेता तूलिका मान को राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) ने अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है। इस फैसले के बाद उन्हें भारतीय टीम से बाहर कर दिया गया है। तूलिका इस बार भी भारत के लिए पदक जीतने की मजबूत दावेदार मानी जा रही थीं। उनके बाहर होने से भारतीय जूडो टीम की तैयारियों और पदक की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है।

वेयरअबाउट्स नियमों के उल्लंघन पर हुई कार्रवाई

तूलिका मान पिछले 12 महीनों में तीन बार वेयरअबाउट्स नियमों का पालन नहीं कर सकीं। इसी वजह से नाडा ने उन्हें नोटिस जारी करते हुए अस्थायी निलंबन की कार्रवाई की। इसके बाद भारतीय जूडो टीम से उनका नाम हटा दिया गया। नियमों के अनुसार खिलाड़ियों को समय समय पर अपनी लोकेशन की जानकारी देना जरूरी होता है ताकि जरूरत पड़ने पर अचानक डोप टेस्ट किया जा सके।

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डोप टेस्ट में फेल होने से अलग है यह मामला

वेयरअबाउट्स फेल्योर का मतलब यह नहीं होता कि खिलाड़ी डोप टेस्ट में पॉजिटिव पाया गया है। यह नियम केवल खिलाड़ियों की उपलब्धता से जुड़ा होता है। अगर कोई खिलाड़ी तय समय पर अपनी लोकेशन की जानकारी नहीं देता या जांच के दौरान निर्धारित स्थान पर मौजूद नहीं मिलता, तो इसे नियमों का उल्लंघन माना जाता है। लगातार तीन बार ऐसा होने पर कार्रवाई की जा सकती है।

2022 में भारत के लिए जीता था रजत पदक

तूलिका मान ने बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में महिलाओं के 78 किलोग्राम से अधिक वजन वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक जीता था। इस उपलब्धि के बाद वह भारतीय जूडो की सबसे मजबूत खिलाड़ियों में शामिल हो गई थीं। ग्लासगो में भी उनसे पदक की उम्मीद थी लेकिन अब उनके बाहर होने से भारत की संभावनाओं को बड़ा नुकसान पहुंचा है।

अरुण कुमार भी पहले ही हो चुके हैं बाहर

भारतीय जूडो टीम को यह दूसरा बड़ा झटका है। इससे पहले 73 किलोग्राम वर्ग के खिलाड़ी अरुण कुमार भी प्रतियोगिता से बाहर हो चुके हैं। वह प्रतियोगिता से पहले हुए आउट-ऑफ-कम्पटीशन डोप टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए थे। इसके बाद नाडा ने उन्हें भी अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया। लगातार दो खिलाड़ियों के बाहर होने से टीम की रणनीति प्रभावित हुई है।

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जापान में चल रही थी टीम की तैयारी

भारतीय जूडो टीम ने कॉमनवेल्थ गेम्स की तैयारी के लिए जापान के साकुबा विश्वविद्यालय में प्रशिक्षण शिविर लगाया था, जो 17 जुलाई तक चला। टीम में सात पुरुष और सात महिला खिलाड़ियों सहित कुल 14 सदस्य शामिल थे। टीम 27 जुलाई को ग्लासगो रवाना होने वाली है जबकि जूडो मुकाबले 31 जुलाई से शुरू होंगे।

Aditi Rawat
By Aditi Rawat

अदिति रावत | MCU, भोपाल से M.Sc.(न्यू मीडिया टेक्नॉलजी) | एंकर, न्यूज़ एक्ज़िक्यूटिव की जिम्मेदारिय...Read More

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