Talented Kid:अद्भुत स्मरण शक्ति-नन्हें वैदिक का इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज

श्योपुर। टोंक के नन्हें बालक वैदिक बुंदेल ने महज 1 वर्ष 3 माह की अल्प आयु में अपनी असाधारण प्रतिभा से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर श्योपुर और अपने परिवार का नाम रोशन किया है। वैदिक को इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स द्वारा श्योपुर टैलेंटेड किड-वन इन ए मिलियन सम्मान से नवाजा गया है। संस्थान ने वैदिक की इस उपलब्धि को अपने आधिकारिक रिकॉर्ड में भी प्रमुखता से प्रकाशित किया है।
सवालों के सटीक जवाब देता है
वैदिक इतनी कम उम्र में अपनी अद्वितीय क्षमता से हर किसी को हैरान कर रहे हैं। वह अपने परिवार के लगभग 11 सदस्यों को उनके रिश्तों के आधार पर आसानी से पहचान लेते हैं। साथ ही वे शरीर के अंगों, फ्लैश कार्ड्स, अक्षरों और विभिन्न वस्तुओं को पहचानने के साथ सामान्य ज्ञान व तार्किक सवालों के सटीक जवाब भी देते हैं। नई-नई चीजों को ध्यान से देखना, उन्हें समझना और सीखने में उनकी विशेष रुचि है।
ये भी पढ़ें: PU Special : मप्र के पूर्व डीजी अरुण गुर्टू के घर है लौह अयस्क के सिंगल स्टोन पर बनी दुनिया की इकलौती गणेश प्रतिमा
पूरा परिवार खुश
वैदिक के पिता दीपांकर बुंदेल ने बताया कि बचपन से ही वैदिक की सीखने में गहरी रुचि को देखते हुए परिवार ने उन्हें लगातार प्रोत्साहित किया। उल्लेखनीय है कि नन्हें वैदिक श्योपुर स्थित शास. कन्या हायर सेकंडरी स्कूल में पदस्थ शिक्षक ईश्वरी प्रसाद माहौर की सुपुत्री कविता माहौर के पुत्र हैं। वैदिक की इस ऐतिहासिक और गौरवान्वित करने वाली अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि पर नाना ईश्वरी प्रसाद माहौर सहित पूरे परिवार और क्षेत्रवासियों ने खुशी जाहिर की है।
ये भी पढ़ें: सीएम डॉ. मोहन यादव बोले-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मप्र को कई सौगातें दीं जिनसे आम आदमी का जीवन बदला




















