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PU Special :बकायादारों को रिमाइंडर और जागरूकता का असर, 6 महीने में नगरीय निकायों ने वसूले 1,390 करोड़ रुपए

नगरीय निकायों में टैक्स वसूली के लिए बकायादारों की सूची चस्पा करने या कार्रवाई की चेतावनी देने के बजाय इस बार मोटिवेशन और अवेयरनेस का फॉर्मूला अपनाया जा रहा है। बकायादारों को टैक्स जमा नहीं करने के नुकसान समझाने के साथ लगातार रिमाइंडर भेजकर राशि जमा करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
बकायादारों को रिमाइंडर और जागरूकता का असर, 6 महीने में नगरीय निकायों ने वसूले 1,390 करोड़ रुपए
बकायादारों को रिमाइंडर और जागरूकता का असर

अशोक गौतम, भोपाल। नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने निकायों को वसूली बढ़ाने के लिए सख्ती के बजाय लगातार संपर्क और जागरूकता पर जोर दिया है। बकायादारों के मोबाइल नंबर पर प्रॉपर्टी टैक्स सहित अन्य देय राशि की जानकारी और भुगतान लिंक भेजे जा रहे हैं, जिससे लोग घर बैठे पेटीएम, यूपीआई और ऑनलाइन बैंकिंग सहित अन्य माध्यमों से टैक्स जमा कर रहे हैं। विभाग का लक्ष्य मार्च 2027 तक करीब 1,300 करोड़ रुपए की अतिरिक्त वसूली करना और निकायों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है।

लोक अदालत में 185 निकायों ने पार किया टारगेट

टैक्स वसूली के लिए आयोजित लोक अदालतों में भी निकायों को अच्छा रिस्पांस मिला है। प्रदेश के 185 नगरीय निकायों में लक्ष्य से अधिक टैक्स कलेक्शन हुआ। लोगों को लोक अदालत के माध्यम से बकाया टैक्स जमा करने के फायदे बताए गए और विवाद खत्म कर समय पर भुगतान के लिए प्रेरित किया गया।

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मार्च 2027 तक 1,300 करोड़ की अतिरिक्त वसूली का लक्ष्य

विभाग ने मार्च 2027 तक करीब 1,300 करोड़ रुपए की अतिरिक्त वसूली का लक्ष्य रखा है। इसके लिए सभी निकायों को कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं और नगरीय विकास एवं आवास विभाग हर 15 दिन में वसूली की समीक्षा कर रहा है। प्रॉपर्टी और वाटर टैक्स के साथ पुराने बकाया, किराया और अन्य मदों की वसूली पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

80 फीसदी वसूली से आत्मनिर्भर होंगे निकाय

विभाग का लक्ष्य केवल मौजूदा वसूली बढ़ाना नहीं, बल्कि निकायों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना भी है। अधिकारियों का मानना है कि अगर निकाय अपने स्तर पर करीब 80 फीसदी तक राजस्व वसूली सुनिश्चित कर लेते हैं तो विकास कार्यों के लिए बाहरी अनुदान पर निर्भरता कम होगी। इसी आधार पर केंद्रीय वित्त आयोग और केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय से निकायों के लिए अधिक अनुदान और विशेष पैकेज की मांग का रास्ता भी मजबूत होगा।

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ऑनलाइन टैक्स भुगतान में 41 फीसदी की बढ़ोतरी

इस वर्ष प्रॉपर्टी, वाटर टैक्स सहित अन्य करों के ऑनलाइन भुगतान में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। पिछले वर्ष की तुलना में 41 फीसदी अधिक टैक्स ऑनलाइन जमा किया गया है। ई-नगरपालिका पोर्टल और एप्लीकेशन में बदलाव कर इसे नागरिकों के लिए आसान बनाया गया है और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेजे गए लिंक के जरिए भुगतान की सुविधा ने वसूली अभियान को और गति दी है।

मोबाइल पर पहुंच रही टैक्स और भुगतान की जानकारी

बकायादारों के मोबाइल नंबर पर प्रॉपर्टी टैक्स सहित अन्य देय राशि की जानकारी और भुगतान लिंक भेजे जा रहे हैं। इससे लोग घर बैठे पेटीएम, यूपीआई, ऑनलाइन बैंकिंग सहित अन्य माध्यमों से टैक्स जमा कर रहे हैं। विभाग का मानना है कि ऑनलाइन भुगतान बढ़ने से एक ओर अमले पर दबाव कम हुआ है, वहीं निकायों को हिसाब-किताब रखने में भी सुविधा हुई है।

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दो साल में टैक्स वसूली में 200 करोड़ का इजाफा

नगरीय निकायों की टैक्स वसूली में पिछले साल की तुलना में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वर्ष 2025-26 में 1,190 करोड़ रुपए की वसूली हुई थी, जबकि वर्ष 2026-27 में अब तक 1,390 करोड़ रुपए की वसूली हो चुकी है। विभाग का मानना है कि लगातार संपर्क, जागरूकता और ऑनलाइन भुगतान की सुविधा से वसूली अभियान को आगे भी गति मिलेगी।

Rohit Sharma
By Rohit Sharma

पीपुल्स इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया स्टडीज, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय...

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