अतिक्रमणमुक्त हुआ खेरवासानी टोल प्लाजा, मप्र हाईकोर्ट ने किया जनहित याचिका का निराकरण

जबलपुर। कटनी-मैहर मार्ग (नेशनल हाईवे-30) पर खेरवासानी टोल प्लाजा के दोनों ओर फैले अवैध अतिक्रमणों को चुनौती देने वाली जनहित याचिका का मप्र हाईकोर्ट ने निराकरण कर दिया है। चीफ जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे और जस्टिस विवेक रूसिया की डिवीजन बेंच को बताया गया कि टोल प्लाजा के पास से सभी अतिक्रमण हट चुके हैं। इस बयान पर बेंच ने मामले पर आगे सुनवाई से इनकार कर िदया। यह याचिका मैहर के समाजसेवी रामसजीवन दाहिया की ओर से दाखिल की गई थी।
दुकानों के कारण ब्लाइंड स्पॉट बने
आवेदक का कहना था कि खेरवासानी टोल प्लाजा के दोनों ओर बनीं अवैध झुग्गियों और अस्थाई दुकानों के कारण वहां पर ब्लाईंड स्पॉट्स बन गए, जिससे वहां पर हर रोज हादसे हो रहे हैं। आरोप यह भी था कि हाल ही में एक कमर्शियल बस के पलटने की दुर्घटना भी इसी लापरवाही का परिणाम है। एक तरफ जहां वाहन चालक टोल टैक्स का भारी-भरकम भुगतान करने को मजबूर हैं, वहीं दूसरी ओर उन्हें जान जोखिम में डालकर इन जानलेवा अड़चनों के बीच से गुजरना पड़ रहा, जो अवैधानिक है। मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता धनंजय असाटी ने डिवीजन बेंच को बताया कि दो दिन पहले ही प्रशासन ने विवादित अतिक्रमण हटा दिए हैं। इस बयान पर बेंच ने कहा कि याचिका में चाही गई राहत पूरी हो चुकी है, ऐसे में मामले को लंबित रखना उचित नहीं है।
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