नीट विवाद पर क्रिकेट जगत में निराशा!सचिन बोले- नाराजगी जायज, गिल ने कहा- सभी पक्ष छात्र हितों का ध्यान रखें

स्पोर्ट्स डेस्क। देशभर में पेपर लीक और छात्र आंदोलन को लेकर कई दिग्गज खिलाड़ियों ने अपनी राय रखी है। सचिन तेंदुलकर, शुभमन गिल, मोहम्मद कैफ, इरफान पठान, शिखर धवन और अभिनव बिंद्रा ने अलग-अलग अंदाज में शिक्षा व्यवस्था, छात्रों के भविष्य और निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली पर अपनी बात कही।
सचिन तेंदुलकर: मेहनत का सम्मान हो, मेरिट जीते
सचिन तेंदुलकर ने कहा कि उनके पिता ने बचपन में उन्हें सिखाया था कि असफल होना ठीक है, लेकिन चीटिंग नहीं।उन्होंने कहा कि अगर छात्रों को लगे कि उनकी मेहनत का सही फल नहीं मिला, तो उनका नाराज होना स्वाभाविक है। देश में ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए, जहां ईमानदारी और मेरिट को सबसे ज्यादा महत्व मिले।
शुभमन गिल: छात्रों के हित को सबसे पहले रखें
भारतीय टेस्ट और वनडे कप्तान शुभमन गिल ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं को सीखने, आगे बढ़ने और अपने सपने पूरे करने का पूरा मौका मिलना चाहिए। शिक्षा व्यवस्था से जुड़े हर फैसले में छात्रों का हित सबसे ऊपर होना चाहिए।
शुभमन गिल ने इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए मामले चिंता व्यक्त की
मोहम्मद कैफ: छात्रों पर लाठीचार्ज नहीं होना चाहिए
पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद कैफ ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था की कमियों के खिलाफ आवाज उठाने वाले छात्रों पर लाठीचार्ज होना दुखद है। उन्होंने सभी पक्षों से जल्द समाधान निकालने की अपील की।
इरफान पठान: पेपर लीक छात्रों की उम्मीदें नहीं छीन सकता
इरफान पठान ने कहा कि हर छात्र और उसका परिवार बेहतर भविष्य के लिए वर्षों तक मेहनत करता है। ऐसे में पेपर लीक जैसी घटनाएं किसी की उम्मीद नहीं तोड़नी चाहिए। उन्होंने भरोसा जताया कि छात्रों को निष्पक्ष अवसर मिलेगा और भविष्य में ऐसी घटनाएं नहीं होंगी।
शिखर धवन: संयम और संवाद से निकलेगा रास्ता
शिखर धवन ने कहा कि युवाओं के सपनों को समझना जरूरी है। उन्होंने अपील की कि कठिन समय में धैर्य रखा जाए और बातचीत के जरिए समाधान निकाला जाए। उनके मुताबिक, हर समस्या का हल शांतिपूर्ण संवाद से संभव है। दूसरी ओर देश के कई शहरों में भी नीट पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन तेज हो गया है।
अभिनव बिंद्रा: मजबूत शिक्षा व्यवस्था ही देश की ताकत
ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता अभिनव बिंद्रा ने कहा कि किसी भी देश की सबसे बड़ी ताकत उसकी मजबूत और भरोसेमंद शिक्षा व्यवस्था होती है। ऐसी व्यवस्था युवाओं में विश्वास पैदा करती है, मेरिट को सम्मान देती है और भविष्य के लिए बेहतर अवसर तैयार करती है।
पूरे मामले पर एक नजर
NEET पेपर लीक को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) 20 जून से दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही है। इस आंदोलन में शामिल पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिनों तक भूख हड़ताल की, जिसे उन्होंने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में जूस पीकर समाप्त किया। हालांकि, CJP अब भी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़ी हुई है। 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पें भी हुई थीं।











