भारतीय शतरंज के लिए ऐतिहासिक पल :विश्वनाथन आनंद बने FIDE के अंतरिम अध्यक्ष, EU प्रतिबंध के बाद संभाली कमान

भारतीय शतरंज के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। पांच बार के विश्व शतरंज चैंपियन विश्वनाथन आनंद को अंतरराष्ट्रीय शतरंज महासंघ (FIDE) का अंतरिम अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। यह जिम्मेदारी उन्हें ऐसे समय मिली है जब FIDE के मौजूदा अध्यक्ष अर्काडी द्वोरकोविच ने यूरोपीय संघ (EU) की ओर से लगाए गए प्रतिबंधों के बाद अपने दायित्वों के निर्वहन को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया है। आनंद पहले से ही FIDE में उपाध्यक्ष (Deputy President) के रूप में कार्य कर रहे थे और अब संगठन के चार्टर के तहत अंतरिम अध्यक्ष की भूमिका निभाएंगे। वैश्विक शतरंज प्रशासन में किसी भारतीय को पहली बार इतनी बड़ी जिम्मेदारी मिलने को देश के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
EU के प्रतिबंध के बाद बदली FIDE की कमान
FIDE के अध्यक्ष अर्काडी द्वोरकोविच वर्ष 2018 से इस पद पर थे। इससे पहले वह 2012 से 2018 तक रूस के उप-प्रधानमंत्री रह चुके हैं। रूस-यूक्रेन युद्ध से जुड़े मामलों के बीच यूरोपीय संघ ने हाल ही में उन पर प्रतिबंध लगाए, जिसके बाद उन्होंने FIDE के अध्यक्ष के रूप में अपने अधिकारों और जिम्मेदारियों का निर्वहन अस्थायी रूप से रोकने का निर्णय लिया। FIDE के नियमों के अनुसार, ऐसी स्थिति में संगठन के उपाध्यक्ष को अंतरिम अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी जाती है। इसी प्रक्रिया के तहत विश्वनाथन आनंद ने संगठन की कमान संभाल ली है।
जिम्मेदारी संभालते ही आनंद ने दिया यह संदेश
अंतरिम अध्यक्ष बनने के बाद विश्वनाथन आनंद ने कहा कि राष्ट्रपति अर्काडी द्वोरकोविच द्वारा अपने दायित्वों के निर्वहन को अस्थायी रूप से निलंबित करने के निर्णय और FIDE चार्टर के प्रावधानों के अनुसार उन्होंने यह जिम्मेदारी संभाली है। आनंद ने अपने बयान में कहा कि मैं अर्काडी का उनके नेतृत्व और FIDE के हितों तथा संगठन की स्थिरता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के लिए धन्यवाद देता हूं। FIDE परिषद, प्रशासन और सदस्य शतरंज महासंघों के साथ मिलकर मेरा मुख्य उद्देश्य संगठन के कामकाज में निरंतरता बनाए रखना और वैश्विक शतरंज समुदाय की सेवा करना रहेगा। FIDE का काम पहले की तरह जारी रहेगा। अर्काडी ने एक मजबूत टीम और स्पष्ट विजन तैयार किया है और अब इसे आगे बढ़ाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। हम सब एक हैं।
पहले से निभा रहे थे अहम प्रशासनिक भूमिका
विश्वनाथन आनंद केवल शतरंज के महान खिलाड़ी ही नहीं, बल्कि पिछले कुछ वर्षों से FIDE के प्रशासनिक कार्यों में भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उपाध्यक्ष के रूप में वे संगठन की नीतियों, प्रतियोगिताओं और वैश्विक शतरंज गतिविधियों से जुड़े महत्वपूर्ण फैसलों का हिस्सा रहे हैं। ऐसे में अंतरिम अध्यक्ष के रूप में उनकी नियुक्ति को संगठन में निरंतरता बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
भारत के लिए क्यों खास है यह फैसला
विश्वनाथन आनंद का अंतरिम अध्यक्ष बनना केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि भारतीय शतरंज के बढ़ते वैश्विक प्रभाव का भी प्रतीक माना जा रहा है। आनंद ने अपने खेल करियर में पांच बार विश्व शतरंज चैंपियन का खिताब जीतकर भारत को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई। उनके मार्गदर्शन में भारत के कई युवा खिलाड़ी भी विश्व स्तर पर लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। अब वैश्विक शतरंज प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी संभालने के साथ आनंद की भूमिका केवल खिलाड़ी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल की नीतियों और भविष्य की दिशा तय करने में भी महत्वपूर्ण योगदान देंगे।












