'राजनीति में आना मेरी सबसे बड़ी गलती थी', TMC नेता आशीष बनर्जी ने सुसाइड नोट में क्या लिखा?

कोलकाता। आशीष बनर्जी लंबे समय तक बीरभूम की रामपुरहाट विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व कर चुके थे। वह 2021 से 2026 तक पश्चिम बंगाल विधानसभा के डिप्टी स्पीकर भी रहे और ममता सरकार में कई विभागों की जिम्मेदारी संभाली। 2026 के विधानसभा चुनाव में उन्हें बीजेपी के ध्रुब साहा से हार का सामना करना पड़ा था। मौत से पहले जून 2026 में उन्होंने बीरभूम जिला TMC अध्यक्ष और जिला कोर कमेटी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देकर खुद को पार्टी का सामान्य सदस्य बताया था।
पार्टी कार्यालय में मिला शव
पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के रामपुरहाट में रविवार, 16 अगस्त को TMC नेता आशीष बनर्जी का शव पार्टी कार्यालय में मिला। पुलिस के अनुसार, उनका शव फंदे से लटका हुआ था। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और अन्य परिस्थितियों की जांच कर रही है, ताकि मौत की वजह स्पष्ट हो सके।
TMC नेता आशीष बनर्जी की मौत, सामने आया सुसाइड नोट, राजनीति को लेकर लिखी चौंकाने वाली बात
सुसाइड नोट में क्या लिखा?
पुलिस को मौके से एक कथित सुसाइड नोट भी मिला है, जिसकी जांच की जा रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, नोट में आशीष बनर्जी ने कथित तौर पर लिखा कि वह कभी भ्रष्टाचार में शामिल नहीं रहे और किसी काम के बदले पैसे नहीं लिए। पार्टी के भीतर होने वाले कुछ गलत कामों को वह हमेशा स्वीकार नहीं कर पाते थे, लेकिन उनका विरोध भी नहीं कर सके। हालांकि, नोट की वास्तविकता और उसमें लिखी बातों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही होगी।
पांच बार विधायक रहे, डिप्टी स्पीकर की जिम्मेदारी संभाली
बता दें कि आशीष बनर्जी पश्चिम बंगाल की राजनीति में TMC के वरिष्ठ नेताओं में शामिल रहे। वह रामपुरहाट विधानसभा सीट से लगातार पांच बार विधायक चुने गए और 2001 से 2026 तक इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। इसके अलावा 2 जुलाई 2021 से 7 मई 2026 तक उन्होंने पश्चिम बंगाल विधानसभा के डिप्टी स्पीकर के रूप में काम किया। ममता बनर्जी सरकार में उन्होंने अलग-अलग समय पर कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी भी संभाली थी।
राजनीति से पहले कॉलेज में एसोसिएट प्रोफेसर थे
राजनीति में सक्रिय होने से पहले आशीष बनर्जी रामपुरहाट कॉलेज में एसोसिएट प्रोफेसर के रूप में काम कर चुके थे। उनके पास बर्दवान विश्वविद्यालय से स्नातक, परास्नातक और पीएचडी की डिग्री थी। वर्ष 2014-15 में उन्होंने आयुर्वेद, यूनानी, प्राकृतिक चिकित्सा, सिद्ध, योग और होम्योपैथी विभाग में राज्य मंत्री की जिम्मेदारी संभाली। इसके बाद 2015-16 में जैव प्रौद्योगिकी, सांख्यिकी एवं कार्यक्रम निगरानी विभाग और 2017 से 2021 तक कृषि मंत्री के तौर पर काम किया।
चुनाव में हार के बाद संगठन से बनाई थी दूरी
2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में आशीष बनर्जी को रामपुरहाट सीट पर बीजेपी के ध्रुब साहा के हाथों हार मिली थी। इसके बाद जून 2026 में उन्होंने बीरभूम जिला TMC अध्यक्ष और जिला कोर कमेटी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने खुद को पार्टी का सामान्य सदस्य बताया था। अब उनकी मौत के बाद पुलिस कथित सुसाइड नोट, घटनास्थल और अन्य परिस्थितियों की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही मौत की वजह को लेकर आधिकारिक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।













