तरुण तेजपाल को सुप्रीम कोर्ट का निर्देश, 2 हफ्ते में करना होगा सरेंडर

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार, 25 अगस्त को तहलका मैगजीन के पूर्व एडिटर-इन-चीफ तरुण तेजपाल को दो हफ्ते के भीतर सरेंडर करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि उनकी अपील पर मेरिट के आधार पर सुनवाई तभी होगी, जब वह सरेंडर करने का प्रमाण पत्र दाखिल करेंगे।
क्या है पूरा मामला?
तरुण तेजपाल ने बॉम्बे हाईकोर्ट के उस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें उन्हें 2013 के रेप केस में दोषी ठहराते हुए 10 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई गई थी।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
इस मामले की सुनवाई जस्टिस अलोक अराधे ने की। उन्होंने तेजपाल की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल की उस दलील को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि अपील पर सुनवाई के लिए तेजपाल का पहले सरेंडर करना जरूरी नहीं है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि तेजपाल को पहले सरेंडर करना होगा। इसके बाद उन्हें सरेंडर सर्टिफिकेट कोर्ट में दाखिल करना होगा, तभी उनकी अपील पर मेरिट के आधार पर सुनवाई की जाएगी।
बॉम्बे हाईकोर्ट ने दी थी चार हफ्ते की मोहलत
बता दें कि बॉम्बे हाईकोर्ट ने 6 अगस्त को तेजपाल को सरेंडर करने के लिए चार हफ्ते का समय दिया था। अब सुप्रीम कोर्ट ने भी उन्हें दो हफ्ते के भीतर सरेंडर करने का निर्देश दिया है।
2013 में सामने आया था मामला
तरुण तेजपाल के खिलाफ 2013 में यौन उत्पीड़न का मामला सामने आया था। इसके बाद यह मामला देशभर में काफी चर्चा में रहा। अब इस मामले में उनकी सजा के खिलाफ दाखिल अपील पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है।





















