पटना में छात्रों का हल्लाबोल! 70वीं BPSC परीक्षा रद्द करने की मांग, CM आवास घेरने निकले प्रदर्शनकारी

पटना। बिहार की राजधानी पटना में छात्र आंदोलन एक बार फिर तेज हो गया है। 70वीं BPSC परीक्षा को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने मंगलवार को सड़कों पर उतरकर मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने की कोशिश की। प्रदर्शनकारी छात्र परीक्षा में कथित पेपर लीक और दूसरी गड़बड़ियों का आरोप लगाते हुए 70वीं BPSC परीक्षा रद्द करने की मांग कर रहे हैं। छात्र पिछले कई दिनों से पटना के गर्दनीबाग धरना स्थल पर अपनी 15 सूत्री मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। मंगलवार को बड़ी संख्या में छात्र और युवा सड़क पर उतर आए। इस दौरान जेपी गोलंबर के पास पुलिस की बैरिकेडिंग भी तोड़ने की कोशिश की गई।
CM आवास घेरने निकले छात्र
गर्दनीबाग में चल रहे आंदोलन के समर्थन में छात्र-युवा संघर्ष मोर्चा ने मुख्यमंत्री आवास के घेराव का ऐलान किया था। संगठन की ओर से बिहार के छात्रों, अभ्यर्थियों और युवाओं से बड़ी संख्या में इस कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की गई थी। घेराव के लिए निकले छात्रों को पुलिस ने जेपी गोलंबर के पास रोकने की कोशिश की। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने बैरिकेडिंग तोड़ दी और आगे बढ़ने का प्रयास किया। इससे इलाके में कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति बन गई। प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है और प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने की कोशिश की जा रही है।
70वीं BPSC परीक्षा रद्द करने की मांग
प्रदर्शनकारी छात्रों का सबसे बड़ा मुद्दा 70वीं BPSC परीक्षा है। छात्रों का आरोप है कि परीक्षा में पेपर लीक और दूसरी तरह की गड़बड़ियां हुई हैं। इसी वजह से वे पूरी परीक्षा को रद्द कर दोबारा परीक्षा कराने की मांग कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता बेहद जरूरी है। अगर परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल उठते हैं तो अभ्यर्थियों के भविष्य पर सीधा असर पड़ता है। इसी मांग को लेकर छात्र पिछले कई दिनों से धरना दे रहे हैं।
छात्रों की 15 सूत्री मांगें
छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर सरकार के सामने कई मुद्दे रखे हैं। इनमें भर्ती परीक्षाओं से लेकर नौकरी की प्रक्रिया और डोमिसाइल नीति तक के मुद्दे शामिल हैं।
छात्रों की प्रमुख मांगों में शामिल हैं-
- TRE-4 में पहले की तरह एक ही परीक्षा कराई जाए।
- परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग खत्म की जाए।
- 70वीं BPSC परीक्षा रद्द कराई जाए।
- ‘एक उम्मीदवार, एक रिजल्ट’ की नीति लागू की जाए।
- BSSC से संविदा कर्मचारियों को मिलने वाला वेटेज खत्म किया जाए।
- CGL-4, BSO और AEDO परीक्षाओं की तारीख जल्द घोषित की जाए।
- बिहार में डोमिसाइल नीति लागू की जाए।
- संविदा के बजाय युवाओं को स्थायी नौकरी देने की व्यवस्था की जाए।
छात्र नेता बोले- मांगों पर बातचीत जरूरी
प्रदर्शन के दौरान एक छात्र नेता ने कहा कि छात्रों ने अपनी मांगें अधिकारियों के सामने रखी हैं। अधिकारियों की ओर से उन्हें भरोसा दिया गया है कि उनकी मांगों को सरकार तक पहुंचाया जाएगा। छात्र नेता के मुताबिक, शिक्षा विभाग से जुड़ी कुछ मांगों को लेकर सरकार की ओर से सकारात्मक संकेत मिले हैं। उन्होंने कहा कि अगर सरकार या मुख्यमंत्री छात्रों से बातचीत करते हैं तो बातचीत का रास्ता खुल सकता है, लेकिन जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने साफ कहा कि केवल आश्वासन से आंदोलन खत्म नहीं होगा।
सरकार ने बनाई 5 सदस्यीय कमेटी
पटना में छात्रों के बढ़ते आंदोलन के बीच सरकार भी सक्रिय हो गई है। छात्रों की मांगों और प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ियों को लेकर सरकार ने 5 सदस्यीय कमेटी बनाने का फैसला किया है। बताया गया है कि इस समिति की अध्यक्षता एक रिटायर्ड जज करेंगे। समिति का मुख्य काम प्रतियोगी परीक्षाओं को ज्यादा पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के उपायों की समीक्षा करना होगा। कमेटी यह भी देखेगी कि भविष्य में परीक्षा प्रक्रिया में किसी तरह की गड़बड़ी न हो और अभ्यर्थियों को निष्पक्ष माहौल मिल सके।
TRE-4 भर्ती को लेकर भी नोटिफिकेशन जारी
छात्र आंदोलन के बीच बिहार में शिक्षक भर्ती को लेकर भी सरकार की ओर से कदम उठाया गया है। BPSC TRE-4 भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी किया गया है। हालांकि, TRE-4 की परीक्षा प्रक्रिया को लेकर छात्रों की अपनी मांगें हैं। प्रदर्शनकारी चाहते हैं कि TRE-4 में पहले की तरह एक ही परीक्षा हो। वहीं, वे परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और अभ्यर्थियों के हितों को प्राथमिकता देने की मांग कर रहे हैं।




















