‘SIR के लिए जिगर चाहिए’,CEC ज्ञानेश कुमार का बयान! अमेरिका का भी किया जिक्र, वोटरों से की बड़ी अपील

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने लखनऊ में SIR को लेकर कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के लिए सिर्फ चुनाव आयोग की कोशिश काफी नहीं है। उन्होंने वोटरों के सहयोग को भी जरूरी बताया। कुमार के मुताबिक, भारत की चुनावी प्रक्रिया में दूसरे देश भी रुचि दिखा रहे हैं और उससे सीखने की कोशिश कर रहे हैं।
‘SIR के लिए जिगर चाहिए’,CEC ज्ञानेश कुमार का बयान! अमेरिका का भी किया जिक्र, वोटरों से की बड़ी अपील
SIR पर CEC ज्ञानेश कुमार का बयान

लखनऊ। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने सोमवार को लखनऊ में SIR को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के लिए चुनाव आयोग की हिम्मत के साथ मतदाताओं का सहयोग भी जरूरी है। कुमार ने बताया कि इस प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में वोटरों का सहयोग मिला। उन्होंने कहा कि भारत की चुनाव व्यवस्था को दूसरे देश भी देख रहे हैं और उससे सीखने में रुचि दिखा रहे हैं।

‘SIR के लिए जिगर के साथ जनता का साथ जरूरी’

ज्ञानेश कुमार ने कहा कि SIR जैसी बड़ी प्रक्रिया को पूरा करने के लिए केवल आयोग का प्रयास पर्याप्त नहीं है। इसमें आम मतदाताओं की भागीदारी भी अहम होती है। उन्होंने कहा कि वोटरों से मिले सहयोग ने इस काम को आगे बढ़ाने में मदद की। उनके मुताबिक, यही वजह है कि दूसरे देश भी भारत की चुनावी व्यवस्था को समझने और उससे सीखने की कोशिश कर रहे हैं।

X Post

दूसरे देशों की भी भारत के चुनाव पर नजर

CEC ने कहा कि कुछ देश अपने यहां ऐसी प्रक्रिया अपनाने में रुचि रखते हैं, जबकि कुछ ने भविष्य में इसे लागू करने की इच्छा जताई है। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी भारत की SIR प्रक्रिया की तारीफ कर चुके हैं। ट्रंप ने अमेरिका में मतदान के लिए फोटोयुक्त पहचान दस्तावेज की जरूरत की बात भी कही थी।

ये भी पढ़ें: भारत में पहली बार F-35 की एंट्री? पाकिस्तान बॉर्डर के पास होगा बड़ा सैन्य अभ्यास

युवाओं को चुनाव की जानकारी देने पर जोर

लखनऊ दौरे के दौरान ज्ञानेश कुमार ने छात्रों और शिक्षकों से भी संवाद किया। उन्होंने कहा कि युवाओं को चुनाव की पूरी प्रक्रिया समझाना जरूरी है। इसके लिए स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में चुनावी साक्षरता से जुड़े कार्यक्रमों को मजबूत किया जा रहा है। ELC 2.0 के जरिए युवाओं को मतदाता पंजीकरण, मतदान और मतगणना जैसी प्रक्रियाओं की जानकारी देने पर जोर है।

BLO को बताया लोकतंत्र की अहम कड़ी

ज्ञानेश कुमार ने बूथ लेवल अधिकारियों यानी BLO की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि ये अधिकारी मतदाताओं और चुनाव व्यवस्था के बीच जमीन पर काम करने वाली अहम कड़ी हैं। लखनऊ और आसपास के जिलों के करीब 500 BLO से संवाद का कार्यक्रम भी रखा गया था।

2027 के यूपी चुनाव से पहले बढ़ी सक्रियता

उत्तर प्रदेश में 2027 की शुरुआत में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। ऐसे में चुनाव आयोग की गतिविधियां खास महत्व रखती हैं। CEC के दो दिवसीय लखनऊ दौरे में चुनावी साक्षरता, मतदाता जागरूकता और बूथ स्तर की व्यवस्था पर फोकस किया गया। आयोग का जोर युवाओं को जिम्मेदार और जागरूक मतदाता बनाने पर भी है।

ये भी पढ़ें: UPI ने पूरे किए 10 साल, अब 11 देशों में भी हो रहा इस्तेमाल, PM मोदी ने पूछा लोगों से उनका अनुभव

क्या है SIR?

SIR यानी Special Intensive Revision मतदाता सूची की विशेष जांच और सुधार की प्रक्रिया है। इसका उद्देश्य मतदाता सूची में दर्ज जानकारी को जांचना और नियमों के अनुसार जरूरी सुधार करना है। चुनाव आयोग इस प्रक्रिया के जरिए मतदाता सूची को अधिक सटीक और अपडेट रखने की कोशिश करता है।

Aditi Rawat
By Aditi Rawat

अदिति रावत | MCU, भोपाल से M.Sc.(न्यू मीडिया टेक्नॉलजी)| एंकर, न्यूज़ एक्ज़िक्यूटिव की जिम्मेदारियों...

Latest Posts