Manisha Dhanwani
20 Jan 2026
बीजिंग/टोक्यो। जापान की प्रधानमंत्री साने तकाइची के ताइवान पर दिए बयान चीन और जापान में तनाव बढ़ गया है। ताकाइची ने 7 नंवबर को कहा था कि अगर चीन ने ताइवान पर हमला किया तो जापान मदद के लिए अपनी सेना को बेज देगा। तकाइची के बयान की चीन ने कड़ी निंदा की है। इस बयान को बेहद गैर-जिम्मेदार और उकसाने वाला बताया है।
लेकिन इस मामले ने आग तब पकड़ ली जब अगले ही दिन एक्स पर लिखी पोस्ट ने आग उगली। दरअसल ओसाका में चीन के काउंसलर जनरल शुए जियान ने एक्स पर लिखा कि वह इस मामले में दखल देने वाले की गर्दन काट देंगे। हालांकि यह पोस्ट बाद में हटा दी गई।
दोनों देशों के सख्त तेवर के बाद चीन और जापान ने अपने देशों के राजदूतों को तलब किया है। जहां चीन ने अपने नागरिकों को जापान न जाने की सलाद दी है और चेतावनी दी है कि वहां जाने पर उन्हें खतरे से गुजरना पड़ सकता है। इस फैसले का सीधा असर जापान की अर्थव्यवस्था पर दिखना शुरू हो गया है। दरअसल जापान की पर्यटन और रिटेल कंपनियों के शेयर गिरने लगे हैं। ऐसे में निवेशकों का भरोसा उठ जाएगा और आर्थिक स्थिति में भारी समस्या पनप सकती है।
ताइवान के मामले में चीन का रुख सख्त है। बीजिंग ताइवान को अपना भाग मानता है और कहता है कि अगर जरूरत हुई, तो बल प्रयोग भी करेगा। दूसरी ओर जापान की अर्थव्यवस्था पहले ही बुरे दौर से गुजर रही है। तीसरी तिमाही में देश की GDP में गिरावट दर्ज हुई है। बता दें हर साल लगभग 75 लाख चीनी पर्यटक जापान जाते हैं। लेकिन देशों के खराब संबंध इसमें रुकावट बन जाएगी। ऐसे में चीन की ओर से मिलती धमकियां टोक्यो की परेशानी को अधिक खतरे में डाल सकती है।