भोपाल। मध्य प्रदेश में इस बार नवंबर की ठंड ने कई सालों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। राजधानी भोपाल में 17 नवंबर की रात न्यूनतम तापमान 5.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो पिछले 84 साल में सबसे कम है। इससे पहले 1941 में नवंबर के महीने में रात का तापमान 6.1 डिग्री रहा था।
सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि फिलहाल प्रदेश का मौसम साफ है और उत्तरी क्षेत्रों से आने वाली ठंडी हवाएं लगातार तापमान गिरा रही हैं। आने वाले दिनों में भी ठंड का असर तेज बना रह सकता है।
मौसम वैज्ञानिक के अनुसार बंगाल की खाड़ी और श्रीलंका के पास एक लो प्रेशर एरिया एक्टिव है। इसके साथ ही 22 नवंबर के आसपास खाड़ी में एक और सिस्टम बनने की संभावना है। इन मौसमीय बदलाव के कारण अगले दो दिन MP में कोल्ड वेव के हालात बने रहेंगे।
मौसम विभाग ने प्रदेश के तीन जिलों इंदौर, भोपाल और राजगढ़ में तेज शीतलहर का अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा कई जिलों में सामान्य शीतलहर की चेतावनी दी गई है, जिनमें शाजापुर, देवास, सीहोर, धार, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, हरदा, बैतूल, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सतना, कटनी, उमरिया, शहडोल, जबलपुर, दमोह, सागर, विदिशा और रायसेन शामिल हैं।
17 नवंबर की रात राजगढ़ सबसे ठंडा रहा, जहां तापमान 5 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। इसके बाद राजधानी भोपाल का तापमान 5.2 डिग्री रहा।
अन्य प्रमुख शहरों में भी तापमान तेजी से नीचे गया है। पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 6.4 डिग्री, उमरिया में 7.6 डिग्री, नौगांव में 7.8 डिग्री, शिवपुरी में 8 डिग्री, बैतूल में 8.7 डिग्री, धार में 8.8 डिग्री और खंडवा में 9.4 डिग्री दर्ज किया गया।
बड़े शहरों की बात करें तो इंदौर में रात का पारा 7.7 डिग्री, ग्वालियर में 10.5 डिग्री, उज्जैन में 11 डिग्री और जबलपुर में 9 डिग्री पहुंच गया। वहीं दिन के अधिकतम तापमान में नर्मदापुरम 28.8 डिग्री के साथ पूरे प्रदेश में सबसे गर्म शहर रहा।