पटना। विधानसभा चुनाव में हार के बाद पहली बार प्रशांत किशोर प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे हैं। उन्होंने कहा, जिस पार्टी को 3.50% वोट मिले उसकी प्रेस कॉन्फ्रेंस में इतने प्रेस वालों का आना बड़ी बात है। हम व्यवस्था परिवर्तन तो छोड़िए सत्ता परिवर्तन भी नहीं करा पाए। हमारे प्रयास और सोच में जरूर कोई गलती हुई जिससे जनता ने विश्वास नहीं दिखाया।
पीसी की शुरुआत में प्रशांत किशोर ने हार स्वीकारते हुए कई बातों का जिक्र किया। उन्होंने कहा मैं हार की जिम्मेदारी लेता हूं, हम लोग व्यवस्था परिवर्तन तो छोड़िए सत्ता परिवर्तन भी नही कर पाएं। अब मैं इसके प्राश्चित के लिए 20 नवंबर को गांधी भीतिहरवा आश्रम में एक दिन का मौन उपवास रखूंगा। प्रशांत ने आगे कहा हमारी प्रयासों में, सोच में, रूझानों में भार कमी दिखी। जिस वजह से जनता ने हमें नही चुना।
राजनीति से संन्यास के सवाल पर पीके बोले... कि किस पद पर हूं कि इस्तीफा दे दूं। यह मैंने नहीं कहा था कि बिहार छोड़ देंगे, बिहार में रहेंगे। साथ ही यह भी नहीं कहा कि बिहार के लोगों की बात कहना छोड़ देंगे। हम अपनी बात पर कायम हैं। दो लाख रुपया दे दीजिए, हम बिल्कुल छोड़ देंगे। सरकार ने डेढ़ करोड़ लोगों को 10-10 हजार रुपये दिया है। यह मानने को तैयार हूं, सरकार चाहे तो योजना शुरू कर सकती है।
प्रशांत किशोर के बारे में मशहूर बात कही जाती है। कहा जाता है उन्होंने 6 साल में 6 CM बनवाए थे। लेकिन जब खुद बिहार जीतने निकले तो एक भी सीट नहीं जीत पाए। विधानसभा चुनाव में पीके की पार्टी ने कुल 238 उम्मीदवार मैदान में उतारे, जिसमें से 233 सीटों मतलब 98% सीटों पर जमानत जब्त हो गई। 1 करोड़ से ज्यादा सदस्यों का दावा करने वाली जनसुराज को मतदाताओं से 10 लाख वोट भी नहीं मिले।