दिल्ली ब्लास्ट का महू कनेक्शन – अल-फलाह के बाद अब ‘अल-फाद’ का नाम भी आया सामने

इंदौर – दिल्ली धमाके की जांच अब महू तक सिमटती जा रही है। अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े जवाद सिद्दीकी का नाम सामने आने के बाद पुलिस ने उसके भाई और चिटफंड फ्रॉड में लिप्त हमूद सिद्दीकी को भी गिरफ्तार कर लिया है। दोनों भाई महू में रहकर अपनी-अपनी चिटफंड कंपनियों के जरिये करोड़ों रूपयों का खेल चला रहे थे।
अपनी दूसरी कंपनी शुरू की -
जांच में सामने आया कि हमूद ने शुरू में जवाद की “अल-फलाह” चिटफंड कंपनी में कई सालों तक काम किया। लेकिन बाद में उसने स्वतंत्र रूप से अपनी दूसरी कंपनी “अल-फाद” चिटफंड शुरू कर दी। दोनों कंपनियों की आड़ में हुए करोड़ों के हेरफेर ने भाइयों के बीच गहरी दरार पैदा कर दी। रुपए के भारी लेन-देन को लेकर दोनों के बीच जमकर विवाद हुआ, जिसके बाद दोनों ने रिश्ते तोड़ते हुए घर भी अलग कर लिए। जवाद दिल्ली निकल गया, जबकि हमूद भी कुछ समय बाद महू छोड़कर गायब हो गया।
पुलिस जल्द ही उसके दरवाजे तक पहुंच सकती हैं
दिल्ली धमाके में जवाद का नाम सामने आते ही हमूद को शक था कि पुलिस जल्द ही उसके दरवाजे तक पहुंच सकती है। इसलिए वह महू से हैदराबाद जाकर छिप गया और वहां “रिचकॉम प्राइवेट लिमिटेड” नाम से शेयर मार्केट इन्वेस्टमेंट फर्म चला रहा था। महू पुलिस ने सिद्दीकी परिवार के रिश्तेदारों से उसकी गतिविधियों की जानकारी जुटाई और फिर योजनाबद्ध कार्रवाई करते हुए हैदराबाद से उसकी गिरफ्तारी कर ली।
दोनों भाइयों के झगड़े की जड़—करोड़ों का हिसाब -
दुबई भागने की कहानी—झूठी निकली -
हमूद ने यह भी खुलासा किया कि जवाद के दुबई भाग जाने की खबरें पूरी तरह मनगढ़ंत थीं। यह अफवाह खुद जवाद ने फैलाई थी ताकि दिल्ली धमाके में उसका नाम उछलने के बाद लोगों का ध्यान दूसरी दिशा में भटक जाए।





















