PU Special :बिना 'हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट' नहीं मिलेगी टाइगर रिजर्व में एंट्री, सफारी वाहनों पर सख्त हुआ पार्क प्रबंधन

संतोष चौधरी, भोपाल। तीन माह के बारिश सीजन के बाद एक अक्टूबर से मध्यप्रदेश के सभी टाइगर रिजर्व और सेंक्चुरी पर्यटकों के लिए दोबारा खुलने जा रहे हैं। नए पर्यटन सत्र की शुरुआत से पहले कान्हा, बांधवगढ़ और सतपुड़ा सहित सभी टाइगर रिजर्व में पार्क प्रबंधन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इस बार जंगल सफारी में इस्तेमाल होने वाले वाहनों की सुरक्षा और स्थिति को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाया जा रहा है। दरअसल, पर्यटकों की शिकायत मिलने के बाद वन विभाग ने यह कदम उठाया है।
सफारी वाहनों के लिए नियम व मानक
पार्क में प्रवेश के लिए वाहनों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट होना पूरी तरह अनिवार्य कर दिया गया है। बिना इस प्लेट के किसी भी वाहन को पार्क के भीतर जाने की अनुमति नहीं मिलेगी।
परिवहन विभाग में पंजीयन
सफारी वाहनों का मध्य प्रदेश परिवहन विभाग में पंजीकृत होना जरूरी है। पंजीयन प्रक्रिया के दौरान वाहन मालिक को खुद मौके पर उपस्थित रहना होगा और सभी आवश्यक दस्तावेजों की गहन जांच की जाएगी।
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रंग और बनावट के नियम
पार्क प्रबंधन के निर्देशानुसार सभी पर्यटक वाहन केवल 'हार्वेस्ट ग्रीन' रंग के ही होने चाहिए। इसके अलावा, वाहन की मूल लंबाई या चौड़ाई में कोई बदलाव नहीं किया जा सकेगा और सीट की ऊंचाई फ्लोर लेवल से अधिकतम 18 इंच ही रखी जाएगी।
पार्क गेटों पर लगेंगे विशेष चेकिंग कैंप
वाहनों के दस्तावेजों और मानकों की जांच के लिए पार्क प्रबंधन अलग-अलग दिनों में गेटों के बाहर विशेष कैंप लगाने जा रहा है। केवल वही वाहन इस सत्र में सफारी करा सकेंगे, जो इन सभी तय कसौटियों पर पूरी तरह खरे उतरेंगे। इसके साथ ही, पर्यटकों को बेहतर अनुभव देने के लिए गाइडों और चालकों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
अच्छी बात है कि प्रबंधन सख्त हो रहा
कई बार देखने में आया है कि टाइगर रिजर्व में इस्तेमाल होने वाले सफारी वाहनों की स्थिति ठीक नहीं रहती है। कई बार शिकायत भी की जा चुकी है। यह अच्छी बात है कि इस बार पार्क प्रबंधन वाहनों की पड़ताल के लिए सख्त होने जा रहा है।
रीतेश मिश्रा, निवासी, भोपाल
पर्यटकों की सुविधा का ध्यान
पर्यटक अक्सर सफारी वाहनों की खराब स्थिति और नंबर प्लेट से जुड़ी शिकायतें करते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए सभी पार्क प्रबंधनों को वाहनों की पहले से पड़ताल करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि एक अक्टूबर से पर्यटन शुरू होने पर पर्यटकों को किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।
- डॉ. समीता राजौरा, पीसीसीएफ (वाइल्ड लाइफ)



















