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अंबिकापुर में खिलाड़ियों के जूते खरीदी पर सवाल, गोल्ड स्टार की जगह ‘गोल स्टार’ ब्रांड,स्पोर्ट्स ड्रेस की गुणवत्ता भी कटघरे में

राज्य स्तरीय स्कूली खेल प्रतियोगिता में खिलाड़ियों को दिए गए जूतों और स्पोर्ट्स ड्रेस की गुणवत्ता पर उठे सवाल, GEM पोर्टल से खरीदी की शर्तों और भुगतान की जांच की मांग,छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में आयोजित राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता में खिलाड़ियों को दिए गए जूतों की गुणवत्ता पर सवाल उठे हैं। आरोप है कि Goldstar ब्रांड की जगह ‘Gol Star’ नाम वाले जूते वितरित किए गए।
अंबिकापुर  में खिलाड़ियों के जूते खरीदी पर सवाल, गोल्ड स्टार की जगह ‘गोल स्टार’ ब्रांड,स्पोर्ट्स ड्रेस की गुणवत्ता भी कटघरे में

रायपुर/अंबिकापुर:  छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में आयोजित राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता के बीच खिलाड़ियों को दिए गए जूतों की खरीदी पर सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि खिलाड़ियों को प्रतिष्ठित ‘Goldstar’ ब्रांड के बजाय उससे मिलते-जुलते नाम ‘Gol Star’ वाले जूते दिए गए हैं। जूतों के ब्रांड और गुणवत्ता को लेकर उठे सवालों के साथ खिलाड़ियों को वितरित स्पोर्ट्स ड्रेस की गुणवत्ता पर भी आपत्ति सामने आई है। ऐसे में खरीदी प्रक्रिया, निर्धारित मानकों और भुगतान की जांच की मांग उठ सकती है।

क्या है पूरा मामला? जूतों के ब्रांड को लेकर विवाद

अंबिकापुर के मल्टीपरपज स्कूल में राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता का उद्घाटन किया गया। चार दिवसीय आयोजन में छत्तीसगढ़ के विभिन्न संभागों से खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। इसी प्रतियोगिता में सरगुजा जिले के खिलाड़ियों को वितरित जूतों की ब्रांडिंग पर सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि जूतों पर ‘Goldstar’ के बजाय ‘Gol Star’ नाम दिखाई दे रहा है। Goldstar नेपाल से जुड़ा एक स्थापित फुटवियर ब्रांड है, जबकि खिलाड़ियों को दिए गए जूतों के नाम और ब्रांड की प्रामाणिकता को लेकर संदेह जताया जा रहा है। हालांकि, जूतों की वास्तविक कंपनी, निर्माता और प्रामाणिकता की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।

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चार दिन की प्रतियोगिता, लेकिन जूतों की गुणवत्ता पर सवाल

प्रतियोगिता में करीब 460 खिलाड़ियों के शामिल होने की जानकारी दी गई है। आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों को खेल के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देना है, लेकिन जूतों की गुणवत्ता को लेकर उठे सवालों ने व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। खिलाड़ियों की ओर से चिंता जताई गई कि चार दिनों तक चलने वाली प्रतियोगिता में ये जूते कितने उपयोगी साबित होंगे। खेलों में जूतों की गुणवत्ता महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि खराब फिटिंग या घटिया सामग्री से खिलाड़ियों को असुविधा हो सकती है और चोट लगने का जोखिम भी बढ़ सकता है।

GEM पोर्टल से हुई खरीदी, अब शर्तों पर उठ रहे सवाल

जानकारी के अनुसार, जूतों की खरीदी सरकारी GeM (Government e-Marketplace) पोर्टल के माध्यम से की गई। ऐसे में प्रमुख सवाल यह है कि खरीदी के लिए क्या तकनीकी शर्तें तय की गई थीं? क्या किसी विशिष्ट ब्रांड या गुणवत्ता मानक का उल्लेख था? आपूर्ति किए गए जूते निर्धारित विनिर्देशों के अनुरूप हैं या नहीं? इन सवालों का जवाब संबंधित खरीदी आदेश, उत्पाद विवरण, आपूर्तिकर्ता के दस्तावेजों, बिल और गुणवत्ता जांच से ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर खरीदी में अनियमितता या भुगतान में गड़बड़ी की पुष्टि नहीं की जा सकती।

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स्पोर्ट्स ड्रेस की गुणवत्ता पर भी आपत्ति

जूते ही नहीं, प्रतियोगिता में विद्यार्थियों को दिए गए स्पोर्ट्स ड्रेस की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि कपड़ा बेहद पतला है और कुछ छात्राएं ड्रेस पहनकर असहज महसूस कर रही थीं। दूसरे संभागों से पहुंचे विद्यार्थियों के जूतों की गुणवत्ता पर भी आपत्तियां सामने आने की बात कही गई है। यदि ये शिकायतें सही पाई जाती हैं, तो संबंधित सामग्री के नमूनों की जांच और निर्धारित मानकों से उनका मिलान कराना जरूरी होगा।

सांसद चिंतामणि महाराज ने कहा—मामले की जानकारी नहीं

प्रतियोगिता के उद्घाटन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे सरगुजा सांसद चिंतामणि महाराज से जब जूतों की गुणवत्ता को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने मामले की जानकारी नहीं होने की बात कही। उन्होंने कहा कि जानकारी नहीं होने के कारण वह इस पर कुछ नहीं कह सकते। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने मल्टीपरपज स्कूल भवन की स्थिति का जायजा भी लिया। हालांकि, खिलाड़ियों को वितरित जूतों और स्पोर्ट्स ड्रेस को लेकर उठे सवालों पर संबंधित अधिकारियों की ओर से आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आना बाकी है।

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जांच से साफ होगा—खरीदी में चूक या गुणवत्ता मानकों की अनदेखी?

अब पूरे मामले में खरीदी के दस्तावेजों, GeM पर प्रकाशित उत्पाद विवरण, आपूर्ति किए गए जूतों के ब्रांड, बिल और भुगतान की जांच महत्वपूर्ण होगी। साथ ही स्पोर्ट्स ड्रेस के कपड़े और सिलाई की गुणवत्ता की भी जांच की जानी चाहिए। पंचलाइन: खिलाड़ियों को खेल में आगे बढ़ने के लिए बेहतर सुविधाएं मिलनी चाहिए। ब्रांड, गुणवत्ता और खरीदी के मानकों को लेकर उठे सवालों का जवाब दस्तावेजी जांच और जिम्मेदार अधिकारियों के स्पष्टीकरण से ही सामने आएगा।

PREM

मै प्रेम निर्मलकर मैने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत दैनिक भास्कर से की, विगत 18 वर्षों से मुझे पत...

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