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भोपाल-इंदौर में विकसित होगा डीप टेक इकोसिस्टम-मप्र में 15,800 करोड़ के निवेश प्रस्ताव, 10 हजार से ज्यादा को रोजगार की उम्मीद

मध्यप्रदेश में सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, डेटा सेंटर और डीप टेक उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए पांच कंपनियों को करीब 10 हजार करोड़ रुपये के निवेश वाली परियोजनाओं हेतु जमीन आवंटित की गई है। पांच अन्य कंपनियों से 5,800 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इंदौर में सेमीकंडक्टर समिट 2026 का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया। इन परियोजनाओं से 10 हजार से अधिक रोजगार अवसर बनने की उम्मीद
भोपाल-इंदौर में विकसित होगा डीप टेक इकोसिस्टम-मप्र में 15,800 करोड़ के निवेश प्रस्ताव, 10 हजार से ज्यादा को रोजगार की उम्मीद
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में “मध्यप्रदेश सेमीकंडक्टर समिट-2026“ में प्रदर्शनी का अवलोकन किया।

इंदौर। मध्यप्रदेश अब सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, डेटा सेंटर और डीप टेक इंडस्ट्री का नया केंद्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। प्रदेश में करीब 10 हजार करोड़ के निवेश वाली 5 कंपनियों को जमीन आवंटित की गई है, जबकि 5 अन्य कंपनियों से 5,800 करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इनसे 10 हजार से ज्यादा रोजगार के अवसर बनने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने इंदौर में आयोजित दो दिवसीय सेमीकंडक्टर समिट 2026 का शुभारंभ ब्रिलियंट कन्वेशन सेंटर में किया।

इस दौरान देशी विदेश कम्पनी के साथ निवेश के लिए एमओयू और एलओयू भी साइन किए गए जिसमें सिंगापुर और जापान की कम्पनियां शामिल है। मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने मध्यप्रदेश कहा कि सेमीकंडक्टर सेक्टर से जुड़े निवेशकों और तकनीकी संस्थानों के लिए निवेश हेतु अनुकूल  माहौल है।प्रत्येक क्षेत्र की विशेष  नीतियों और तेज निर्णय  प्रक्रिया के कारण कंपनियां प्रदेश में निवेश के लिए आगे आ रही हैं। सरकार का लक्ष्य युवाओं को अपने ही राज्य में रोजगार और उद्यम के अवसर उपलब्ध कराना है।

डेटा सेंटर और बैटरी उद्योग में निवेश

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जमीन पाने वाली कंपनियों में साइटेक आरआई का ग्वालियर क्षेत्र में 50 मेगावाट क्षमता का हाइपरस्केल डेटा सेंटर, उणा इकोसिस्टम की लिथियम बैटरी इकाई, ओनिडा आईटी सॉल्यूशंस का ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर तथा मीना सर्किट और कैस इलेक्ट्रॉनिक्स की विनिर्माण इकाइयां शामिल हैं। कार्यक्रम में सेमीकंडक्टर निवेश नीति का जापानी भाषा में संस्करण भी लॉन्च किया गया।

चिप डिजाइन और क्वांटम टेक्नोलॉजी पर फोकस

मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में सेमीकंडक्टर, फोटोनिक्स और क्वांटम टेक्नोलॉजी के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित करने की योजना है। यहां चिप डिजाइन, वीएलएसआई, रिसर्च और कौशल विकास पर काम होगा। वहीं, इंदौर के आईटी पार्क-4 में 7 कंपनियों को जगह आवंटित की गई है, जिससे करीब 1,280 प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की उम्मीद है। कार्यक्रम में 50 से ज्यादा कंपनियों ने अपनी तकनीक और उत्पाद प्रदर्शित किए। सरकार का जोर भोपाल-इंदौर सहित प्रदेश में ऐसा औद्योगिक इकोसिस्टम तैयार करने पर है, जिससे युवाओं को तकनीकी क्षेत्र में करियर बनाने के लिए दूसरे राज्यों में न जाना पड़े।

Naresh Bhagoria
By Naresh Bhagoria

नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...

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