सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा: पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह को मिल रहा जनसमर्थन, गांव-गांव में ग्रामीणों से कर रहे संवाद

भोपाल/उज्जैन। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा शुक्रवार को चौथे दिन तराना से आगे बढ़ी। उज्जैन से अयोध्या तक निकाली जा रही इस पदयात्रा को ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों का समर्थन मिल रहा है। शुक्रवार सुबह तराना स्थित आईटीआई कॉलेज, सिद्धपुर रोड से यात्रा शुरू हुई। दिग्विजय सिंह साधु-संतों और समर्थकों के साथ सिद्धपुर और निपानिया होते हुए आगे बढ़े। दोपहर में भोजन और विश्राम के बाद शंकरपुर जोड़ से यात्रा दोबारा शुरू हुई। इसके बाद पदयात्रा कनार्दी, गुठलाई जोड़ और देवाखेड़ा होते हुए जूनापानी जोड़ पहुंचेगी।
चढ़ावा चोरी के दोषियों पर कार्रवाई की मांग
यात्रा के दौरान दिग्विजय सिंह ग्रामीणों से संवाद कर रहे हैं और धार्मिक स्थलों में पारदर्शिता, सनातन परंपरा के सम्मान तथा लोकतंत्र में मताधिकार की रक्षा जैसे मुद्दों पर अपनी बात रख रहे हैं। उन्होंने राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामलों की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग उठाई है। साथ ही वोट चोरी के मुद्दे पर सवाल उठाते हुए ईवीएम के बजाय बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग भी दोहराई है। उनका कहना है कि धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं के दान और चढ़ावे की व्यवस्था में पारदर्शिता होनी चाहिए और लोकतंत्र में जनता के मताधिकार की रक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।
महिला किसानों के बीच पहुंचीं अमृता राय

सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा में दिग्विजय सिंह की पत्नी अमृता राय भी लगातार कदम से कदम मिलाकर चल रही हैं। वह यात्रा के दौरान लोगों संवाद भी कर रही हैं और उनकी समस्याओं को समझ रही हैं। इसी क्रम में शुक्रवार को अमृता राय खेतों में प्याज की बुवाई कर रही महिला किसानों के बीच पहुंचीं। उन्होंने महिला किसानों से बातचीत कर खेती-किसानी से जुड़ी उनकी परेशानियों और अनुभवों को जाना। इस दौरान वह महिला किसानों के साथ प्याज की बुवाई में हाथ बंटाती और पौधों में पानी डालती भी नजर आईं।
930 किमी की है उज्जैन से अयोध्या की यात्रा
दिग्विजय सिंह की इस यात्रा का उद्देश्य सनातन परंपरा और धार्मिक आस्था से जुड़े मुद्दों पर जनजागरण के साथ ही धार्मिक संस्थाओं में पारदर्शिता तथा लोकतंत्र में मताधिकार की रक्षा की आवाज उठाना है। करीब 930 किलोमीटर लंबी यह पदयात्रा उज्जैन से शुरू होकर ओरछा स्थित रामराजा सरकार मंदिर होते हुए अयोध्या पहुंचेगी।




















