RSS संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत का बिलासपुर दौरा,संगठन विस्तार पर मंथन, क्या दो हिस्सों में बंटेगा छत्तीसगढ़ RSS?

बिलासपुर: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत दो दिवसीय प्रवास पर बुधवार, 22 अक्टूबर को बिलासपुर पहुंचे। उनके दौरे के दौरान संघ के बौद्धिक वर्ग को संबोधित करने के साथ छत्तीसगढ़ प्रांत के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ संगठनात्मक गतिविधियों पर मंथन प्रस्तावित है। इस प्रवास के बीच छत्तीसगढ़ में संघ की संगठनात्मक व्यवस्था को दो इकाइयों में बांटने की संभावनाओं को लेकर भी चर्चाएं हुई है । हालांकि, पुनर्गठन के संबंध में किसी अंतिम आधिकारिक निर्णय की पुष्टि नहीं हुई है।
बौद्धिक वर्ग को संबोधित करेंगे संघ प्रमुख
डॉ. मोहन भागवत बिलासपुर के कोनी-बिरकोना मार्ग स्थित सरस्वती शिशु मंदिर परिसर में आयोजित कार्यक्रमों में शामिल हुए। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, बुधवार शाम को वे संघ के प्रबुद्ध कार्यकर्ताओं के बौद्धिक वर्ग को संबोधित किया। इसके बाद वे परिसर में रात्रि विश्राम किया गया। उनके प्रवास को लेकर संघ के पदाधिकारी तैयारियों में जुटे हैं। कार्यक्रम स्थल और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ाई गई है।
23 अक्टूबर को संगठन की भावी रणनीति पर बैठक
संघ प्रमुख के प्रवास के दूसरे दिन, गुरुवार 23 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ प्रांत के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की बैठक आयोजित किय गया। बैठक में डॉ. भगवत ने संगठन के कामकाज, कार्यकर्ताओं की भूमिका, सामाजिक गतिविधियों और आगामी कार्ययोजना पर मंथन कर संगठन के काम काज पर विशेष खास चर्चा हुई । बैठक में अखिल भारतीय, क्षेत्रीय और प्रांतीय स्तर के पदाधिकारियों के शामिल हुए । छत्तीसगढ़ प्रांत के संघचालक टोपलाल, प्रांत प्रचारक अभय, सह प्रांत प्रचारक नारायण नामदेव और प्रांत कार्यवाह चंद्रशेखर देवांगन सहित अन्य पदाधिकारी इसमें मौजूद रहे ।
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क्या दो संगठनात्मक इकाइयों में बंटेगा छत्तीसगढ़ RSS?
मोहन भागवत के बिलासपुर दौरे के बीच संघ की संगठनात्मक व्यवस्था में संभावित बदलाव को लेकर चर्चा हो रही है। बताया जा रहा है कि कार्य विस्तार और गतिविधियों के बेहतर संचालन के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ प्रांत को रायपुर और बिलासपुर केंद्रित दो संगठनात्मक इकाइयों में विभाजित करने की संभावना पर विचार हो सकता है। हालांकि, इसे फिलहाल संभावित संगठनात्मक बदलाव के तौर पर ही देखा जाना चाहिए। संघ की ओर से इस संबंध में अंतिम निर्णय की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
संभावित बंटवारे में कौन-कौन से क्षेत्र होंगे शामिल?
चर्चा के अनुसार, प्रस्तावित व्यवस्था में बिलासपुर केंद्रित इकाई के अंतर्गत बिलासपुर, सरगुजा, रायगढ़, जशपुर, कोरिया और कोरबा क्षेत्र से जुड़े विभाग शामिल किए जा सकते हैं।वहीं, रायपुर केंद्रित इकाई में रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, राजिम और बस्तर क्षेत्र से जुड़े विभागों को शामिल किए जाने की संभावना बताई जा रही है। मौजूदा व्यवस्था में छत्तीसगढ़ प्रांत के 11 विभाग होने की जानकारी दी गई है। संभावित पुनर्गठन के तहत छह विभाग रायपुर और पांच विभाग बिलासपुर इकाई के अंतर्गत रखे जाने की चर्चा है। हालांकि, विभागों के अंतिम बंटवारे और पदाधिकारियों की जिम्मेदारियों को लेकर आधिकारिक निर्णय के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
बैठक में शामिल हो सकते हैं संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी
प्रस्तावित बैठक में अखिल भारतीय सह बौद्धिक प्रमुख दीपक, अखिल भारतीय सह प्रचारक प्रमुख सुनील कुलकर्णी, अखिल भारतीय पर्यावरण संरक्षण गतिविधि के सह संयोजक राकेश जैन, मध्य क्षेत्र के क्षेत्र प्रचारक स्वप्निल, सह क्षेत्र प्रचारक प्रेमशंकर सिदार, क्षेत्र कार्यवाह अशोक अग्रवाल, क्षेत्र बौद्धिक प्रमुख नागेंद्र, क्षेत्र संघचालक डॉ. पूर्णेंदु सक्सेना और ग्राम विकास गतिविधि के क्षेत्र संयोजक अनिल डागा सहित अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों के शामिल हुए ।
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संगठन विस्तार और भावी कार्ययोजना पर रहेगी नजर
डॉ. मोहन भागवत के इस प्रवास को छत्तीसगढ़ में संघ की गतिविधियों, संगठनात्मक समन्वय और भविष्य की कार्ययोजना के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब नजरें आज की बैठक और उसके बाद सामने आने वाले आधिकारिक निर्णयों पर सभी की निगाहे टिकी हुई है।




















