Egg Freezing: करियर के लिए मातृत्व टाल रहीं महिलाएं, 5 साल में 25% ट्रेंड बढ़ा! जानें क्या है एग फ्रीजिंग

करियर, आर्थिक स्वतंत्रता और निजी प्राथमिकताओं के चलते कई महिलाएं परिवार शुरू करने का फैसला बाद के लिए टाल रही हैं। ऐसे में एग फ्रीजिंग यानी अंडाणुओं को सुरक्षित रखने की प्रक्रिया में उनकी दिलचस्पी बढ़ रही है। विशेषज्ञों के मुताबिक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में 30 से 35 वर्ष की कुछ कामकाजी महिलाएं भी इस विकल्प पर विचार कर रही हैं। हालांकि, एग फ्रीजिंग भविष्य में गर्भधारण या बच्चे के जन्म की गारंटी नहीं देती।
क्या है एग फ्रीजिंग और क्यों बढ़ रही है दिलचस्पी?
वारंगल स्थित काकतीय मेडिकल कॉलेज में आयोजित एक कार्यशाला में राष्ट्रीय प्रजनन एवं बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के सलाहकार डॉ. नरेश पुरोहित ने कहा कि शिक्षा, चुनौतीपूर्ण करियर, आर्थिक जिम्मेदारियां और सही समय पर परिवार शुरू करने की इच्छा महिलाओं के प्रजनन संबंधी फैसलों को प्रभावित कर रही हैं। उन्होंने बताया कि कुछ महिलाएं अपने व्यक्तिगत और पेशेवर लक्ष्यों को पूरा करने के साथ भविष्य में मां बनने का विकल्प भी सुरक्षित रखना चाहती हैं। एग फ्रीजिंग उन्हें इसके लिए एक अतिरिक्त विकल्प देती है।
डॉ. पुरोहित ने यह भी कहा कि यह प्रक्रिया केवल मशहूर हस्तियों या बड़े पदों पर काम करने वाली महिलाओं तक सीमित नहीं है। हालांकि, इसे अपनाने का फैसला हर महिला की उम्र, स्वास्थ्य और भविष्य की योजनाओं पर निर्भर करता है।
कैसे की जाती है अंडाणु फ्रीज करने की प्रक्रिया?
एग फ्रीजिंग में महिला के अंडाशय से परिपक्व अंडाणु निकालकर उन्हें भविष्य में इस्तेमाल के लिए सुरक्षित रखा जाता है। इस प्रक्रिया के प्रमुख चरण हैं-
दवाओं से अंडाशय को उत्तेजित करना: दवाओं की मदद से एक से अधिक अंडाणुओं को विकसित होने के लिए प्रेरित किया जाता है।
निगरानी: रक्त जांच और अल्ट्रासाउंड के जरिए अंडाणुओं के विकास पर नजर रखी जाती है।
अंडाणु निकालना: चिकित्सकीय प्रक्रिया के जरिए परिपक्व अंडाणु निकाले जाते हैं।
फ्रीज करना: विट्रिफिकेशन नामक तकनीक से अंडाणुओं को तेजी से फ्रीज करके सुरक्षित रखा जाता है।
भविष्य में जरूरत पड़ने पर इन अंडाणुओं को पिघलाकर निषेचन की प्रक्रिया में इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके बाद भ्रूण को गर्भाशय में स्थानांतरित किया जा सकता है।
उम्र बढ़ने के साथ क्यों घटती है प्रजनन क्षमता?
महिलाएं अंडाणुओं के सीमित भंडार के साथ जन्म लेती हैं। उम्र बढ़ने के साथ अंडाणुओं की संख्या और गुणवत्ता में गिरावट आती है। इसका असर गर्भधारण की संभावना पर पड़ सकता है। इसी वजह से कुछ महिलाएं अपेक्षाकृत कम उम्र में अंडाणु सुरक्षित रखने पर विचार करती हैं। आम तौर पर कम उम्र में फ्रीज किए गए अंडाणुओं से भविष्य में सफल परिणाम की संभावना बेहतर हो सकती है। हालांकि, सफलता कई बातों पर निर्भर करती है और किसी भी उम्र में इसकी गारंटी नहीं दी जा सकती।
क्या एग फ्रीजिंग से मां बनना तय हो जाता है?
विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि एग फ्रीजिंग भविष्य में गर्भधारण या जीवित बच्चे के जन्म की गारंटी नहीं है। इसकी सफलता अंडाणु फ्रीज कराते समय महिला की उम्र, सुरक्षित रखे गए अंडाणुओं की संख्या और गुणवत्ता के साथ-साथ भविष्य में उनके इस्तेमाल के समय स्वास्थ्य सहित कई कारकों पर निर्भर करती है। इसलिए एग फ्रीजिंग को भविष्य में मां बनने का निश्चित तरीका नहीं, बल्कि प्रजनन संबंधी विकल्पों में एक अतिरिक्त विकल्प समझना चाहिए।
किन महिलाओं के लिए उपयोगी हो सकती है यह प्रक्रिया?
व्यक्तिगत, पेशेवर या आर्थिक कारणों से गर्भधारण टालने की इच्छुक महिलाएं इस विकल्प पर विचार कर सकती हैं। इसके अलावा, कीमोथेरेपी या अंडाशय की कार्यक्षमता प्रभावित करने वाले कुछ उपचारों से गुजरने वाली महिलाओं को भी प्रजनन क्षमता सुरक्षित रखने के विकल्पों के बारे में सलाह दी जा सकती है। हालांकि, एग फ्रीजिंग हर महिला के लिए जरूरी या उपयुक्त नहीं है। निर्णय लेने से पहले प्रजनन विशेषज्ञ से परामर्श करना जरूरी है। विशेषज्ञ महिला की उम्र, प्रजनन स्वास्थ्य, परिवार नियोजन की इच्छा और संभावित परिणामों के आधार पर जानकारी दे सकते हैं।
पुरुष भी सुरक्षित रख सकते हैं प्रजनन क्षमता
विशेषज्ञों के मुताबिक, प्रजनन क्षमता सुरक्षित रखने का विकल्प केवल महिलाओं तक सीमित नहीं है। कुछ पुरुष भी चिकित्सकीय कारणों या भविष्य में प्रजनन के विकल्प सुरक्षित रखने के लिए शुक्राणु फ्रीज कराने पर विचार करते हैं। कुल मिलाकर, एग फ्रीजिंग परिवार नियोजन के लिए एक अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध कराती है। लेकिन इसे सामाजिक या पेशेवर दबाव में अपनाने के बजाय पूरी जानकारी, चिकित्सकीय परामर्श और अपनी व्यक्तिगत परिस्थितियों को ध्यान में रखकर फैसला लेना चाहिए।




















