PlayBreaking News

आवारा पशुओं से होने वाले सड़क हादसों पर SC नाराज!केंद्र समेत राज्य सरकार को जारी किए निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकारों को बेसहारा मवेशियों की समस्या से निपटने के लिए कई सिफारिशें दी हैं। अदालत ने कहा कि सभी मवेशियों की अनिवार्य टैगिंग की जाए और उनका डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाए।
Follow on Google News
केंद्र समेत राज्य सरकार को जारी किए निर्देश
सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली। देशभर में सड़कों पर घूमने वाले बेसहारा मवेशियों की वजह से होने वाले हादसों पर सुप्रीम कोर्ट ने गंभीर चिंता जताई है। कोर्ट ने कहा कि लोग जब तक पशु उनके काम आते हैं, तब तक उनकी देखभाल करते हैं, लेकिन उपयोग खत्म होने के बाद उन्हें सड़क पर छोड़ देते हैं। वहीं, यदि कोई व्यक्ति उन्हीं जानवरों का भोजन के रूप में इस्तेमाल करता है तो समाज इसका विरोध करता है। अदालत ने इसे समाज का दोहरा रवैया बताया।

24 राज्यों में गौहत्या रोकने के लिए सख्त कानून लागू- सुप्रीम कोर्ट

जस्टिस संजय करोल और जस्टिस एन. कोटिश्वर सिंह की पीठ ने अपने आदेश में कहा कि देश के 24 राज्यों में गौहत्या रोकने के लिए सख्त कानून लागू हैं। इन कानूनों में मवेशियों की सुरक्षा और देखभाल के प्रावधान भी हैं, लेकिन उनका सही तरीके से पालन नहीं हो रहा। इसी लापरवाही का नतीजा है कि सड़क पर घूमने वाले मवेशियों के कारण हर साल करीब 1300 लोगों की जान चली जाती है।

यह भी पढ़ें: SCO समिट 2027 : क्या पाकिस्तान जाएंगे पीएम मोदी? BRICS सम्मेलन से पहले तेज हुई कूटनीतिक चर्चा

क्या है 2007 का मामला?

यह टिप्पणी पंजाब के संगरूर में साल 2007 में हुए एक मामले की सुनवाई के दौरान की गई। उस घटना में एक व्यक्ति की सांड के हमले में मौत हो गई थी। मृतक की पत्नी ने मुआवजे की मांग को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटाया था। सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने महिला को 15 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया। साथ ही, भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कई अहम सुझाव भी दिए।

Breaking News

पशुओं को सड़क पर छोड़ना समाधान नहीं- SC

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह सही है कि कई किसानों के पास बूढ़े या गैर-उपयोगी पशुओं की देखभाल के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं होते। लेकिन इसका समाधान यह नहीं है कि उन्हें सड़क पर छोड़ दिया जाए। अदालत ने कहा कि ऐसे पशुओं को सरकारी गौशालाओं या अधिकृत संरक्षण केंद्रों तक पहुंचाना मालिक की जिम्मेदारी है। कोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा, "मवेशी सड़क और हाईवे पर बने स्पीड ब्रेकर नहीं बन सकते।

यह भी पढ़ें: नई दिल्ली : PM मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट पर दिल्ली पुलिस का एक्शन, X को भेजा नोटिस...

केंद्र सहित राज्य सरकार को दिए निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकारों को बेसहारा मवेशियों की समस्या से निपटने के लिए कई सिफारिशें दी हैं। अदालत ने कहा कि सभी मवेशियों की अनिवार्य टैगिंग की जाए और उनका डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाए। यदि कोई मालिक पशु की देखभाल नहीं कर सकता तो उसे अधिकृत आश्रय गृह तक पहुंचाना उसकी जिम्मेदारी हो। इसके अलावा आश्रय गृहों की निगरानी के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएं और सड़क हादसों के पीड़ितों को मुआवजा देने के लिए स्थायी व्यवस्था बनाई जाए।

सभी राज्य सरकारें सिफारिशों को गंभीरता से विचार करें

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले की प्रति सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को भेजने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि राज्य सरकारें इन सिफारिशों पर गंभीरता से विचार करें और सड़क पर घूमने वाले बेसहारा मवेशियों की समस्या को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाएं, ताकि लोगों की जान बचाई जा सके।

Aakash Waghmare
By Aakash Waghmare

आकाश वाघमारे | MCU, भोपाल से स्नातक और फिर मास्टर्स | मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर के तौर पर 3 वर्षों का क...Read More

नई दिल्ली
--°
बारिश: -- mmह्यूमिडिटी: --%हवा: --
Source:AccuWeather
icon

Latest Posts