21 दिसंबर 2025 :साल का सबसे छोटा दिन, सबसे लंबी रात का खास संयोग; जानें ज्योतिषीय और धार्मिक महत्व

ज्योतिष और खगोल विज्ञान दोनों की दृष्टि से 21 दिसंबर 2025 का दिन बहुत महत्वपूर्ण है। इस दिन साल का सबसे छोटा दिन और सबसे लंबी रात होती है। आम दिनों की तुलना में इस दिन का समय लगभग 8 घंटे कम रहता है।
21 दिसंबर को दिन छोटा क्यों होता है?
21 जून 2025 से सूर्य दक्षिण दिशा की ओर गति करते हैं, जिसे दक्षिणायन कहा जाता है। यह अवधि करीब 6 महीने चलती है और इसका अंत 21 दिसंबर 2025 को होता है। इसी वजह से इस दिन सूर्य की रोशनी कम समय तक धरती पर रहती है और दिन छोटा हो जाता है।
21 दिसंबर 2025 को दिन और रात का समय
- दिन की अवधि: 10 घंटे 19 मिनट
- रात की अवधि: 13 घंटे 41 मिनट
- दिन और रात में अंतर: 3 घंटे 22 मिनट
यानी इस दिन रात, दिन से काफी लंबी होगी।
सूर्योदय और सूर्यास्त का समय
द्रिक पंचांग के अनुसार-
- सूर्योदय: सुबह 6:39 बजे
- सूर्यास्त: शाम 5:13 बजे
चंद्रमा से जुड़ी जानकारी
- चंद्रोदय: सुबह 7:44 बजे
- चंद्रास्त: शाम 6:14 बजे
इस दिन चंद्रमा की रोशनी सामान्य दिनों के मुकाबले ज्यादा समय तक धरती पर रहती है।
21 दिसंबर 2025 का ज्योतिषीय महत्व
इस दिन रविवार है और ज्योतिष के अनुसार, शुक्र और शनि ग्रह एक-दूसरे से 90 डिग्री की स्थिति में होंगे। इस कारण केंद्र दृष्टि योग बनेगा। यह योग सुबह करीब 10 बजे के आसपास बनेगा। यह योग जीवन में बदलाव, स्थिरता और कर्म से जुड़े फलों का संकेत देता है।
21 दिसंबर 2025 का धार्मिक महत्व
- तिथि: पौष माह, शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा
- यह पौष अमावस्या के बाद पहली बार चंद्र दर्शन का दिन है
- इसे दूज का चांद भी कहा जाता है
धार्मिक मान्यता
मान्यता है कि जो लोग इस दिन श्रद्धा और सच्चे मन से चंद्रमा की पूजा करते हैं, उन्हें- चंद्र दोष से मुक्ति, मानसिक शांति, जीवन में स्थिरता प्राप्त होती है।











