रिटायर्ड RBI अफसर से 16 बार में 59 हजार की ठगी-फेसबुक पर मिला ‘नोट बदलो, लाखों कमाओ’ ऑफर

इंदौर। पुराने करेंसी नोट को लाखों रुपए में बदलने का लालच देकर साइबर ठगों ने जूनी इंदौर क्षेत्र के एक रिटायर्ड आरबीआई अधिकारी को अपना शिकार बना लिया। फेसबुक पर पुराने नोट बदलने का ऑफर देखकर संपर्क करना उन्हें भारी पड़ गया। ठगों ने दावा किया कि 50 रुपए के पुराने नोट के बदले उन्हें 9 लाख रुपए तक मिल सकते हैं। इसके बाद अलग-अलग शुल्क और सरकारी औपचारिकताओं का हवाला देकर उनसे एक-दो नहीं, बल्कि 16 बार में 59 हजार रुपए से ज्यादा जमा करा लिए। रकम जमा कराने के बावजूद न तो खाते में वादा की गई राशि पहुंची और न ही ठग पुराना नोट लेने पहुंचे। ठगी का अहसास होने के बाद पीड़ित ने ऑनलाइन शिकायत की। जूनी इंदौर पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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फेसबुक पर दिखा था लाखों रुपए का ऑफर
पुलिस के मुताबिक शिकायतकर्ता जसबीर सिंह आरबीआई से सेवानिवृत्त हैं। 24 अगस्त की दोपहर वे घर पर फेसबुक चला रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर पुराने करेंसी नोट बदलने से संबंधित एक ऑफर पर पड़ी। ऑफर में दावा किया गया था कि पुराने नोट के बदले लाखों रुपए मिल सकते हैं। जसबीर सिंह ने विज्ञापन में दिए गए नंबर पर संपर्क किया। बातचीत के दौरान सामने वाले व्यक्ति ने उन्हें भरोसा दिलाया कि उनके पास मौजूद 50 रुपए के पुराने नोट के बदले 9 लाख रुपए तक दिए जा सकते हैं। यहीं से ठगी का सिलसिला शुरू हुआ।
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पहले 1750 रुपए लिए, फिर खाते में 4 लाख जमा होने का दावा
ठगों ने शुरुआत में ऑफर के वेरिफिकेशन और अन्य खर्च के नाम पर करीब 1,750 रुपए जमा करने को कहा। पीड़ित ने बताए गए तरीके से रकम जमा कर दी। रकम मिलते ही ठगों ने अगला दावा कर दिया। उन्होंने जसबीर सिंह से कहा कि उनके खाते में करीब 4 लाख रुपए जमा कर दिए गए हैं। लेकिन जब जसबीर सिंह ने बैंक से खाते की जानकारी ली तो उन्हें पता चला कि खाते में ऐसी कोई रकम जमा ही नहीं हुई थी। इसके बावजूद ठगों ने उन्हें यह भरोसा दिलाया कि प्रक्रिया में कुछ औपचारिकताएं बाकी हैं।
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कभी 5 हजार, कभी 12 हजार… बढ़ती गई रकम की मांग
इसके बाद ठगों ने फिर उनसे 5,100 रुपए जमा करने को कहा। रकम देने के बाद भी खाते में कोई पैसा नहीं आया। जसबीर सिंह ने दोबारा उसी नंबर पर संपर्क किया और पुराने नोट को बदलने की बात कही। इस बार ठगों ने कहानी बदलते हुए करीब 86 हजार रुपए देने का भरोसा दिलाया और इसके लिए 12,500 रुपए जमा करने को कहा। इसके अलावा खाते के वेरिफिकेशन के नाम पर 1,100 रुपए की मांग की गई। पीड़ित को हर बार यह भरोसा दिया जाता रहा कि कुछ औपचारिकताएं पूरी होते ही रकम उनके खाते में पहुंच जाएगी।
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इनकम टैक्स की कहानी सुनाकर GST भी वसूला
जब लगातार रकम मांगने के बावजूद पैसा नहीं मिला तो ठगों ने एक और कहानी गढ़ी। उन्होंने जसबीर सिंह को बताया कि उनके लिए रकम लेकर आ रही टीम को इनकम टैक्स विभाग ने रोक लिया है। इसके बाद टीम को छुड़ाने और प्रक्रिया पूरी कराने के नाम पर 25 हजार रुपए GST चार्ज देने की मांग की गई। ठगों ने अलग-अलग नाम और बहानों का इस्तेमाल कर पीड़ित को भुगतान के लिए तैयार किया। हर बार रकम देने के बाद उन्हें यही भरोसा दिलाया गया कि अब जल्द ही उनकी बड़ी रकम मिल जाएगी।
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QR कोड भेजकर 16 बार कराया ट्रांजेक्शन
ठगों ने भुगतान के लिए जसबीर सिंह को अलग-अलग QR कोड भेजे। पीड़ित ने इन QR कोड के जरिए रकम ट्रांसफर की। पुलिस के अनुसार, इस तरह करीब 16 अलग-अलग ट्रांजेक्शन में 59 हजार रुपए से ज्यादा की राशि ठगों के खातों में पहुंच गई। लेकिन इसके बाद भी ठगों की मांग खत्म नहीं हुई। न तो 9 लाख रुपए दिए गए और न ही पुराना 50 रुपए का नोट लेने कोई व्यक्ति पहुंचा।



















