ईरान से जंग जीतते ही सस्ता होगा तेल? ट्रंप ने बताया नया प्राइस टारगेट

वॉशिंगटन। ईरान के साथ जारी सैन्य टकराव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऊर्जा कीमतों को लेकर बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका के युद्ध जीतने के बाद तेल की कीमतों में तेज गिरावट आएगी और गैस की कीमत 3 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच सकती है। इसके बाद उन्होंने इसके 2 डॉलर से भी नीचे जाने का दावा किया। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब मध्य पूर्व में जारी तनाव के कारण तेल बाजार में चिंता बनी हुई है। मंगलवार को ब्रेंट क्रूड करीब 97 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार कर रहा था।
ट्रंप बोले- जीत के बाद सस्ता होगा तेल
ट्रंप ने अपने Truth Social पोस्ट में कहा कि ईरान के खिलाफ युद्ध में अमेरिका की जीत के बाद तेल की कीमतें तेजी से गिरेंगी। उन्होंने कहा कि अमेरिकी गैस की कीमत पहले 3 डॉलर प्रति गैलन तक आ सकती है और बाद में यह 2 डॉलर से भी नीचे जा सकती है। ट्रंप ने यह भी दोहराया कि अमेरिका ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा। हालांकि, यह ट्रंप का अनुमान है, न कि कीमतों में गिरावट की कोई निश्चित घोषणा। तेल की कीमतों पर युद्ध, सप्लाई, मांग और वैश्विक बाजार की स्थिति जैसे कई कारकों का असर पड़ता है।
ईरान ने अमेरिका को दी सीधी चेतावनी
ट्रंप के बयान के बीच ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने अमेरिका को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर हमला किया गया तो जवाबी कार्रवाई की जाएगी। उनका कहना है कि ईरान का तेल और गैस नेटवर्क काफी बड़ा है और इस पर हमला करने की कोशिश का असर अमेरिका के हितों पर भी पड़ सकता है।
अमेरिका ने टैंकरों को लेकर क्या कहा?
अमेरिकी युद्ध सचिव पीट हेगसेथ ने भी ईरान को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर ईरान अमेरिकी जहाजों पर हमला करता है तो उसके तेल टैंकरों को निशाना बनाया जा सकता है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने तीन ईरानी कच्चे तेल के टैंकरों पर कार्रवाई का वीडियो भी साझा किया है। CENTCOM के मुताबिक, इन टैंकरों को ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड और उससे जुड़े नेटवर्क को आर्थिक मदद देने वाले तंत्र का हिस्सा माना गया। अमेरिकी पक्ष ने साफ किया है कि उसके जहाजों पर हमला होने पर ईरान की तेल आपूर्ति पर और दबाव डाला जा सकता है।
होर्मुज संकट से बढ़ी तेल बाजार की चिंता
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव का सबसे बड़ा असर होर्मुज जलडमरूमध्य पर पड़ रहा है। यह रास्ता वैश्विक तेल कारोबार के लिए बेहद अहम है। यहां किसी भी तरह की बड़ी रुकावट से दुनिया के कई देशों में तेल की सप्लाई प्रभावित हो सकती है। मौजूदा तनाव के बीच मंगलवार को ब्रेंट क्रूड करीब 97 डॉलर प्रति बैरल और अमेरिकी WTI करीब 92 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। बाजार में आशंका है कि संघर्ष लंबा चला तो सप्लाई पर दबाव और बढ़ सकता है।
एर्दोगन ने इजरायल पर साधा निशाना
तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोगन ने इस संघर्ष के लिए इजरायल की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इजरायल की सैन्य कार्रवाई ने क्षेत्र में तनाव बढ़ाया और शांति की कोशिशों को नुकसान पहुंचाया। एर्दोगन का कहना है कि इस संकट की कीमत सिर्फ ईरान या खाड़ी देशों को नहीं, बल्कि पूरी दुनिया को चुकानी पड़ रही है। उन्होंने क्षेत्र में स्थायी शांति की जरूरत पर जोर दिया है।
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नेतन्याहू बोले- ईरानी शासन का अंत करीब
वहीं इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान के मौजूदा शासन को कमजोर बताते हुए कहा है कि उसका अंत करीब है। उन्होंने कहा कि इजरायल अपनी सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने को तैयार है। इस तरह एक तरफ अमेरिका तेल की कीमतें गिरने का दावा कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ युद्ध और होर्मुज में तनाव के कारण बाजार में सप्लाई को लेकर चिंता बनी हुई है। ऐसे में ट्रंप का 2 डॉलर से नीचे गैस पहुंचने का दावा कितना सच साबित होगा, यह आने वाले दिनों में संघर्ष और वैश्विक तेल बाजार की दिशा पर निर्भर करेगा।



















