रांची में छात्रों का सरकार से आमना-सामना! मंत्रियों से हुई सीधी बातचीत, मांगों पर क्या निकलेगा हल

रांची में छात्रों के आंदोलन के बीच सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच हुई बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैठक के लिए झारखंड सरकार के चार मंत्री गेस्ट हाउस पहुंचे थे। यहां उन्होंने 10 छात्रों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की और उनकी मांगों को विस्तार से सुना।
बैठक में छात्रों ने अपनी समस्याएं और मांगें सरकार के सामने रखीं। दोनों पक्षों के बीच बातचीत काफी देर तक चली। बैठक खत्म होने के बाद छात्रों के प्रतिनिधिमंडल ने इसे सकारात्मक बताया। छात्र प्रतिनिधियों का कहना है कि पहली बातचीत में सरकार की ओर से उनकी बातों को गंभीरता से सुना गया। इससे उन्हें उम्मीद जगी है कि आने वाले समय में इस मुद्दे का कोई समाधान निकाला जा सकता है।
छात्र नेता बोले- ‘पहली बैठक बेहद सकारात्मक रही’
बैठक के बाद प्रतिनिधिमंडल में शामिल छात्र नेता रविंद्र पासवान ने कहा कि यह सरकार के साथ उनकी पहली बैठक थी और माहौल काफी सकारात्मक रहा। उन्होंने कहा कि बैठक में सभी लोग एक साथ बैठे और बातचीत का माहौल अच्छा रहा। उनके मुताबिक, ऐसा महसूस हुआ जैसे सभी लोग एक परिवार की तरह बैठकर समस्या का समाधान निकालने की कोशिश कर रहे हों। छात्र नेता ने उम्मीद जताई कि झारखंड सरकार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और सरकार के मंत्री छात्रों की मांगों को जायज मानेंगे और इस दिशा में जल्द कोई सकारात्मक फैसला लिया जाएगा।
सरकार के सामने रखी गईं छात्रों की मांगें
छात्रों के प्रतिनिधिमंडल में शामिल एक अन्य छात्र नेता ने कहा कि बैठक के दौरान सरकार के सामने उनकी सभी प्रमुख मांगें रखी गई हैं। उन्होंने कहा कि यह बातचीत केवल एक बैठक तक सीमित नहीं रहेगी। आने वाले समय में सरकार के साथ आगे भी बातचीत की जाएगी। बातचीत शुरू होने के बावजूद उनका विरोध-प्रदर्शन फिलहाल खत्म नहीं होगा। उनका कहना है कि सरकार ने उनकी बातों को गंभीरता से लिया है और अब आगे की बातचीत में किसी समाधान तक पहुंचने की उम्मीद है।
मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने क्या कहा?
छात्र प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक के बाद झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने भी बातचीत को सकारात्मक बताया। उन्होंने कहा कि छात्रों के साथ बैठक अच्छे माहौल में हुई। सरकार ने छात्रों की मांगों और उनकी समस्याओं को समझने की कोशिश की है। मंत्री के मुताबिक, सरकार छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने संकेत दिया कि छात्रों की समस्याओं को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा और सरकार इस पूरे मामले पर आगे भी बातचीत करेगी।
कौन-कौन छात्र सरकार से मिलने पहुंचे?
सरकार के साथ बातचीत करने वाले छात्र प्रतिनिधिमंडल में कुल 10 छात्र शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल में रविंद्र पासवान, पीयूष कुमार, राजेश प्रसाद, नीतू कुजूर, अंकित राज, कार्तिक सोरेन, शालू कुमारी, रवींद्र कुमार रवि, आनंद कुमार और अंकित कुमार मौजूद रहे। छात्रों की ओर से स्पष्ट किया गया कि इस प्रतिनिधिमंडल में कोई पत्रकार या वकील शामिल नहीं था। यानी सरकार के साथ बातचीत के लिए केवल छात्रों का प्रतिनिधिमंडल भेजा गया।
बुधवार को नहीं हो पाई थी बातचीत
इससे पहले बुधवार को सरकार और छात्रों के बीच बातचीत को लेकर स्थिति साफ नहीं हो पाई थी। छात्र प्रतिनिधिमंडल पूरे दिन सरकार की ओर से बुलावे का इंतजार करता रहा, लेकिन उन्हें बैठक के लिए निमंत्रण नहीं मिला। बाद में सरकार की ओर से कहा गया कि बातचीत छात्रों के साथ ही की जानी है। सरकार को छात्रों की ओर से बनाए गए प्रतिनिधिमंडल में कुछ नामों को लेकर आपत्ति थी।
प्रतिनिधिमंडल में एकवकील के नाम पर था विवाद
दरअसल, छात्रों की ओर से पहले 11 लोगों का प्रतिनिधिमंडल तय किया गया था। इस सूची में एडवोकेट अजित कुमार का नाम भी शामिल था। सरकार की ओर से कहा गया कि बातचीत छात्रों के साथ होनी चाहिए और प्रतिनिधिमंडल में केवल छात्र शामिल होने चाहिए। बताया गया कि अजित कुमार पहले बीजेपी के महाधिवक्ता रह चुके हैं। इसी वजह से सरकार की ओर से उनके नाम को लेकर आपत्ति जताई गई थी।
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सरकार की बात मानकर बदली प्रतिनिधिमंडल की सूची
छात्रों की ओर से कहा गया कि वे सरकार को बातचीत का कोई मौका नहीं देना चाहते थे। इसलिए उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को लेकर सरकार की आपत्ति को स्वीकार किया और सूची में बदलाव कर दिया। नई सूची में केवल छात्रों को शामिल किया गया। इसके बाद सरकार की ओर से छात्रों के साथ बैठक की गई।
आंदोलन के बीच नेहा बोरा पर स्याही फेंकने की घटना
रांची में चल रहे छात्रों के आंदोलन के बीच शुक्रवार को एक और घटना सामने आई। AISA अध्यक्ष नेहा बोरा पर स्याही फेंकने की घटना हुई। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों के बीच अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। मामले में पुलिस ने स्याही फेंकने वाले व्यक्ति को हिरासत में ले लिया।
बातचीत हुई, लेकिन आंदोलन अभी खत्म नहीं
सरकार और छात्रों के बीच बैठक होने के बावजूद आंदोलन फिलहाल खत्म नहीं हुआ है। छात्रों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर पीछे नहीं हटेंगे और जब तक सरकार की ओर से ठोस फैसला नहीं आता, तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा।











