जातिवाद खत्म करो, आरक्षण छोड़ देंगे, रामदास आठवले का बड़ा बयान, बोले- जब तक जातिवाद रहेगा, आरक्षण भी रहेगा

रायपुर: जातीय जनगणना और आरक्षण को लेकर देशभर में चल रही बहस के बीच केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री रामदास आठवले ने बड़ा बयान दिया है। छत्तीसगढ़ दौरे पर पहुंचे आठवले ने कहा कि जाति के आधार पर आरक्षण का प्रावधान है। अगर देश से जातिवाद खत्म हो जाता है, तो
आरक्षण छोड़ने के लिए तैयार हैं।
उन्होंने साफ कहा कि जब तक जातिवाद खत्म नहीं होगा, तब तक आरक्षण लागू रहेगा। उनके इस बयान के बाद आरक्षण को लेकर चल रही राजनीतिक और सामाजिक बहस एक बार फिर तेज होने के संकेत हैं।

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दलित-आदिवासियों पर आज भी अत्याचार
रामदास आठवले ने कहा कि संविधान में जाति व्यवस्था और छुआछूत के खिलाफ प्रावधान किए गए हैं। अनुच्छेद 17 के जरिए अस्पृश्यता को समाप्त किया गया है, लेकिन इसके बावजूद देश में आज भी दलितों और आदिवासियों पर अत्याचार की घटनाएं सामने आती हैं।उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में आरक्षण का विरोध नहीं किया जाना चाहिए। उनके मुताबिक सामाजिक बराबरी स्थापित होने तक आरक्षण की जरूरत बनी रहेगी।

कांग्रेस पर भी साधा निशाना
केंद्रीय राज्यमंत्री ने इस दौरान कांग्रेस और विपक्ष पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्ष अब केवल टिप्पणी करने का काम कर रहा है। देश का विकास विपक्ष नहीं कर सकता।आठवले ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के विकास का दावा करते हुए कहा कि केंद्र सरकार दलितों और वंचित वर्गों को न्याय दिलाने की दिशा में काम कर रही है।

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छत्तीसगढ़ दौरे पर हैं रामदास आठवले
केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री रामदास आठवले छत्तीसगढ़ के दौरे पर हैं। अपने प्रवास के दौरान वे रायपुर और बिलासपुर में विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होने के साथ अधिकारियों के साथ बैठकें भी करेंगे।
जंतर-मंतर तक पहुंचा था आरक्षण विरोधी आंदोलन
आरक्षण के मुद्दे को लेकर हाल ही में दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी प्रदर्शन हुआ था। 21 अगस्त को हुए इस आंदोलन में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने जाति आधारित आरक्षण व्यवस्था में बदलाव की मांग उठाई थी।प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में जाति आधारित आरक्षण की समीक्षा, आर्थिक आधार को अधिक महत्व देना, मेरिट को चयन का प्रमुख आधार बनाना और आरक्षण व्यवस्था में सुधार जैसी मांगें शामिल थीं। दिल्ली पुलिस के मुताबिक प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं दी गई थी और पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया था।
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आरक्षण पर अब आगे क्या?
जातीय जनगणना, आरक्षण की सीमा और आरक्षण के आधार को लेकर देश में लगातार राजनीतिक बहस चल रही है। ऐसे समय में रामदास आठवले का यह बयान महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनके बयान ने साफ कर दिया है कि आरक्षण को खत्म करने के बजाय सामाजिक भेदभाव खत्म करने को प्राथमिकता देने की बात की जा रही है।




















