पंजाब में कर्मचारियों की हड़ताल खत्म, DA समेत मांगों पर सरकार से बनी सहमति, CM के साथ होगी बैठक

चंडीगढ़। पंजाब में महंगाई भत्ता (DA) समेत अपनी कई मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों और राज्य सरकार के बीच बातचीत के बाद सहमति बन गई है। इसके बाद कर्मचारियों ने अपनी हड़ताल खत्म करने का फैसला किया है। कर्मचारियों की सरकार के साथ हुई बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा हुई।
मुख्य सचिव के साथ हुई बैठक के बाद बनी सहमति
कर्मचारियों के प्रतिनिधियों की पंजाब के मुख्य सचिव केएपी सिन्हा के साथ बैठक हुई। बैठक में कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित मांगों और हड़ताल से जुड़े मुद्दों पर बातचीत की गई। बैठक के बाद कर्मचारियों ने अपना आंदोलन खत्म करने का फैसला किया। कर्मचारियों का कहना है कि सरकार की ओर से उनकी मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाया गया है। अब आगे की प्रक्रिया मुख्यमंत्री के साथ होने वाली बैठक में तय की जाएगी।
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सरकार ने शो-कॉज नोटिस वापस लेने का दिया भरोसा
कर्मचारियों की एक बड़ी मांग 27 अगस्त को जारी किए गए कारण बताओ नोटिस को लेकर भी थी। कर्मचारियों का आरोप था कि हड़ताल या सामूहिक छुट्टी में शामिल होने वाले कर्मचारियों को नोटिस जारी कर कार्रवाई की चेतावनी दी गई थी। बैठक के दौरान सरकार ने इन नोटिसों को वापस लेने का भरोसा दिया है। कर्मचारियों को बताया गया है कि इस मामले में जल्द ही मुख्यमंत्री के साथ बैठक की जाएगी। यही भरोसा मिलने के बाद कर्मचारियों ने हड़ताल समाप्त करने का निर्णय लिया।
पहले 11 सितंबर तक हड़ताल की थी तैयारी
सरकारी कर्मचारियों ने शुरुआत में 8 सितंबर को पेन-डाउन हड़ताल का ऐलान किया था। बाद में मांगें पूरी नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को आगे बढ़ाने का फैसला लिया गया था। कर्मचारियों की ओर से कहा गया था कि अगर सरकार ने उनकी मांगों पर गंभीरता नहीं दिखाई तो वे सामूहिक छुट्टी लेकर 11 सितंबर तक विरोध जारी रखेंगे। हालांकि, सरकार के साथ बातचीत के बाद अब हड़ताल खत्म कर दी गई है।
कई सरकारी दफ्तरों में काम हुआ प्रभावित
हड़ताल के दौरान पंजाब के कई सरकारी कार्यालयों में कामकाज प्रभावित हुआ। सिविल सचिवालय, विभिन्न डायरेक्टरेट और जिला स्तर के सरकारी दफ्तरों के कर्मचारियों ने पेन-डाउन आंदोलन में हिस्सा लिया। कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में काम से दूरी बनाई। इससे कई सरकारी सेवाओं और कार्यालयों के सामान्य कामकाज पर असर पड़ने की स्थिति बनी। कर्मचारी संगठनों का कहना था कि उनकी मांगें लंबे समय से लंबित हैं और सरकार को इस पर जल्द फैसला लेना चाहिए।
DA जारी करने की मांग सबसे अहम
कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में रुका हुआ महंगाई भत्ता जारी करना शामिल था। कर्मचारियों का कहना था कि महंगाई बढ़ने के बीच DA का भुगतान उनके लिए महत्वपूर्ण है। इसके अलावा कर्मचारियों ने अपनी दूसरी पुरानी मांगों को भी सरकार के सामने रखा। उनका कहना था कि इन मुद्दों पर लंबे समय से बातचीत चल रही है, लेकिन अब तक ठोस समाधान नहीं निकला। इसी वजह से कर्मचारियों ने सरकार पर दबाव बनाने के लिए पेन-डाउन हड़ताल का रास्ता अपनाया था।
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27 अगस्त के सरकारी पत्र का भी विरोध
कर्मचारी संगठनों ने 27 अगस्त को जारी उस सरकारी पत्र का भी विरोध किया था, जिसमें बिना अनुमति ड्यूटी से गैरहाजिर रहने वाले कर्मचारियों से जवाब मांगा गया था। कर्मचारियों की मांग थी कि इस पत्र को वापस लिया जाए। उनका कहना था कि आंदोलन के दौरान कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी देना उचित नहीं है। अब सरकार ने इस कारण बताओ नोटिस को वापस लेने का भरोसा दिया है। इससे कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है।
सरकार ने कर्मचारियों को दी थी ड्यूटी पर लौटने की सलाह
हड़ताल के बीच पंजाब सरकार की ओर से कर्मचारियों से काम पर वापस लौटने की अपील भी की गई थी। कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने कर्मचारियों से अपनी ड्यूटी पर लौटने का आग्रह किया था। सरकार का कहना था कि कर्मचारियों की हड़ताल का सीधा असर आम लोगों पर पड़ता है। सरकारी कार्यालयों में काम रुकने से जनता को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। कार्मिक विभाग ने भी अधिकारियों को पत्र भेजकर कर्मचारियों की अनुपस्थिति को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए थे।
हाजिरी लगाकर काम से गायब रहने पर भी चेतावनी
कार्मिक विभाग की ओर से मुख्य सचिवों, वित्तीय आयुक्तों और प्रशासनिक सचिवों को भेजे गए पत्र में कहा गया था कि अलग-अलग जगहों से कर्मचारियों के काम से अनुपस्थित रहने की जानकारी मिल रही है। सरकार के अनुसार, कुछ कर्मचारी कार्यालय में अपनी हाजिरी दर्ज कराने के बाद काम के दौरान वहां मौजूद नहीं रहते थे। विभाग ने कहा था कि इससे आम जनता को परेशानी होती है।
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अब मुख्यमंत्री के साथ होगी आगे की बातचीत
फिलहाल कर्मचारियों और सरकार के बीच बातचीत के बाद हड़ताल खत्म हो गई है। अब कर्मचारियों की लंबित मांगों पर मुख्यमंत्री के साथ होने वाली बैठक महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस बैठक में DA और कर्मचारियों से जुड़े दूसरे मुद्दों पर आगे की दिशा तय हो सकती है। फिलहाल कर्मचारियों ने सरकार के आश्वासन के बाद आंदोलन वापस ले लिया है और सरकारी दफ्तरों में कामकाज सामान्य होने की उम्मीद है।



















