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गले से बह रहा था खून, सड़क पर दौड़ती रही महिला... ट्रैफिक पुलिस ने ऐसे बचाई जान

आपसी विवाद के बाद महिला मित्र पर हमला, फिर खुद के गले पर भी ब्लेड मारा; दोनों को समय पर अस्पताल पहुंचाकर बचाया
गले से बह रहा था खून, सड़क पर दौड़ती रही महिला... ट्रैफिक पुलिस ने ऐसे बचाई जान

इंदौर। पलासिया थाना क्षेत्र में आपसी विवाद के बाद एक व्यक्ति ने अपनी महिला मित्र के गले पर ब्लेड से हमला कर दिया। गले पर गंभीर चोट लगने के बाद महिला खून से लथपथ हालत में सड़क पर मदद के लिए दौड़ती रही। इसी दौरान ट्रैफिक पुलिस के जवानों की नजर उस पर पड़ गई। जवानों ने तत्काल महिला की मदद की, रुमाल से उसके गले पर पट्टी बांधी और ऑटो से अस्पताल पहुंचाया। बताया जा रहा है कि महिला पर हमला करने के बाद व्यक्ति ने खुद के गले पर भी ब्लेड से वार कर लिया था। पुलिस जवानों ने उसे भी अस्पताल पहुंचाया। समय पर उपचार मिलने से दोनों की जान बच गई। जानकारी के मुताबिक महिला और व्यक्ति के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। विवाद के बाद महिला पलासिया थाने के पास स्थित महिला थाने में शिकायत दर्ज कराने जा रही थी। इसी दौरान वह घायल अवस्था में सड़क पर पहुंची। गले से खून निकल रहा था और वह मदद के लिए लोगों से गुहार लगा रही थी। इसी दौरान वहां से गुजर रहे ट्रैफिक पुलिस के आरक्षक सुमंत सिंह कछावा, रवि मंडेलिया और वीरेंद्र भूरिया की नजर महिला पर पड़ी। जवानों ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए तत्काल उसकी मदद शुरू की। रुमाल की मदद से महिला के गले पर पट्टी बांधी गई और ऑटो रुकवाकर उसे अस्पताल पहुंचाया गया।

 

हमला करने के बाद खुद को भी किया घायल

बताया जा रहा है कि महिला पर ब्लेड से हमला करने के बाद संबंधित व्यक्ति ने खुद के गले पर भी ब्लेड से वार कर लिया था। वह भी गंभीर रूप से घायल हो गया। आरक्षक रवि मंडेलिया और कृष्णा ने घायल व्यक्ति को तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां दोनों का उपचार किया गया।

कुछ मिनटों की तत्परता बनी जीवनरक्षक

घटना के दौरान महिला की हालत देखकर ट्रैफिक पुलिस जवानों ने एंबुलेंस का इंतजार करने के बजाय तत्काल उपलब्ध साधन से उसे अस्पताल पहुंचाने का निर्णय लिया। सड़क पर प्राथमिक तौर पर रुमाल से गले पर पट्टी बांधने के बाद ऑटो से अस्पताल पहुंचाया गया। इसी तरह घायल व्यक्ति को भी पुलिस जवानों ने अस्पताल पहुंचाया। समय पर प्राथमिक मदद और उपचार मिलने के कारण दोनों की जान बच गई। ट्रैफिक पुलिस जवानों की तत्परता और सूझबूझ की इस घटनाक्रम में अहम भूमिका रही।

Hemant Nagle
By Hemant Nagle

हेमंत नागले | पिछले बीस वर्षों से अधिक समय से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। वर्ष 2004 में मास्टर ऑफ जर्...Read More

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