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धान की फसल खराब होने से किसानों में चिंता, कृषि विभाग ने विल सुपर की बिक्री पर लगाई रोक; जांच के लिए भेजे गए सैंपल

सोहागपुर में विल सुपर खरपतवार नाशक के छिड़काव के बाद धान की फसल प्रभावित होने की शिकायत सामने आई है। किसानों के मुताबिक दवा से धान के पौधों को भी नुकसान हुआ। कृषि विभाग ने जिले में विल सुपर की बिक्री पर रोक लगाकर सैंपल तीन प्रयोगशालाओं में भेजे हैं। 1,000 से 1,500 एकड़ तक फसल प्रभावित होने की आशंका है।
धान की फसल खराब होने से किसानों में चिंता, कृषि विभाग ने विल सुपर की बिक्री पर लगाई रोक; जांच के लिए भेजे गए सैंपल

सोहागपुर। क्षेत्र में खरपतवार नाशक दवा विल सुपर के छिड़काव के बाद धान की फसल प्रभावित होने का मामला सामने आया है। किसानों का आरोप है कि दवा के इस्तेमाल से खेतों में खरपतवार के साथ धान के पौधों पर भी विपरीत असर पड़ा है। मामले को गंभीरता से लेते हुए कृषि विभाग ने जिले में विल सुपर की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है। दवा के सैंपल जांच के लिए अलग-अलग प्रयोगशालाओं में भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही फसल खराब होने के वास्तविक कारण और जिम्मेदारी की स्थिति स्पष्ट होगी।

किसानों ने कृषि विभाग में की लिखित शिकायत

सोहागपुर के वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी सुनील कुमार बर्डे के मुताबिक करीब एक दर्जन किसानों ने विल सुपर के छिड़काव के बाद धान की फसल खराब होने की लिखित शिकायत की है। शिकायत करने वाले किसानों में पालदेवरी के नारायण सिंह, भागीरथ पटेल और रईस पटेल, पथरई के गोपीलाल और भौंखेड़ी कला के हनुमत कुशवाहा सहित अन्य किसान शामिल हैं। किसानों के अनुसार उन्होंने सोहागपुर की कृपाल दास राधामल और विंध्यवासिनी ट्रेडर्स से विलबुड कंपनी की विल सुपर दवा खरीदी थी। खेतों में छिड़काव के बाद खरपतवार के साथ धान के पौधे भी प्रभावित होने लगे।

1500 एकड़ तक फसल प्रभावित होने का अनुमान

जानकारी के मुताबिक सोहागपुर में विल सुपर की बिक्री का लाइसेंस कृपाल दास राधामल और विंध्यवासिनी ट्रेडर्स के पास है। बताया गया है कि कृपाल दास राधामल से करीब 130 लीटर, जबकि विंध्यवासिनी ट्रेडर्स से करीब 30 लीटर दवा की बिक्री हुई। एक एकड़ धान में खरपतवार नियंत्रण के लिए करीब 100 एमएल दवा का उपयोग किए जाने की जानकारी है। इस हिसाब से एक लीटर दवा करीब 10 एकड़ क्षेत्र में इस्तेमाल हो सकती है। दोनों दुकानों से करीब 160 लीटर दवा की बिक्री को देखते हुए 1,000 से 1,500 एकड़ तक धान की फसल प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि वास्तविक नुकसान का आंकड़ा कृषि विभाग के सर्वे और जांच रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा।

तीन प्रयोगशालाओं में भेजे गए दवा के सैंपल

किसानों की शिकायत मिलने के बाद कृषि विभाग के इंसेक्टिसाइड फर्टिलाइजर इंस्पेक्टर ने संबंधित दुकानों से विल सुपर के सैंपल लिए। कृपाल दास राधामल, विंध्यवासिनी ट्रेडर्स और अन्य संबंधित दुकानों से लिए गए सैंपल जांच के लिए भोपाल, फरीदाबाद सहित तीन प्रयोगशालाओं में भेजे गए हैं। अधिकारियों के अनुसार प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट करीब 2 से 3 सप्ताह में उपसंचालक कृषि कार्यालय को मिलने की संभावना है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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कृषि वैज्ञानिकों ने गांवों में पहुंचकर किया सर्वे

करीब तीन दिन पहले कृषि विभाग की टीम ने सोहागपुर विकासखंड के अलग-अलग गांवों में प्रभावित खेतों का सर्वे किया। टीम में पवारखेड़ा से कृषि वैज्ञानिक एवं पौधा रोग विशेषज्ञ डॉ. के.के. मिश्रा, इंसेक्टिसाइड फर्टिलाइजर इंस्पेक्टर, सहायक संचालक कृषि शैलेंद्र राठौर और वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी सोहागपुर सुनील कुमार बर्डे शामिल रहे। टीम ने पालदेवरी, गूजरखेड़ी, भौंखेड़ी, कलमेशरा और चीचली सहित कई गांवों में खेतों का निरीक्षण किया। सर्वे के दौरान विल सुपर के छिड़काव के बाद धान की फसल प्रभावित होने की स्थिति सामने आने की बात कही गई है।

किसानों ने कंपनी और विक्रेताओं पर कार्रवाई की मांग की

किसानों ने फिनोक्सा 9.3 ईसी के छिड़काव से धान की फसल प्रभावित होने का आरोप लगाते हुए संबंधित निर्माता कंपनी और विक्रेताओं पर कार्रवाई की मांग की है। किसानों का कहना है कि यदि जांच में दवा की गुणवत्ता या बिक्री में किसी तरह की अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। किसानों के अनुसार फिनोक्सा 9.3 ईसी अलग-अलग कंपनियों द्वारा अलग-अलग व्यापारिक नामों से बाजार में बेची जाती है।

जिले में विल सुपर की बिक्री पर रोक

नर्मदापुरम के उपसंचालक कृषि आर.के. सिंह ने बताया कि जिले में उक्त दवा की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। संबंधित कंपनी को नोटिस जारी किया गया है और दवा के सैंपल जांच के लिए प्रयोगशालाओं में भेजे गए हैं। उन्होंने बताया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

Neelam Tiwari
By Neelam Tiwari

नीलम तिवारी - सोहागपुर के वरिष्ठ पत्रकार, 40 वर्षों से निष्पक्ष, जनसरोकार और ग्रामीण मुद्दों की निर्...Read More

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