Naresh Bhagoria
12 Jan 2026
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Garima Vishwakarma
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आशीष शर्मा/ग्वालियर। संगीत में भावनाओं को जागृत करने और ऊर्जा देने की ही नहीं, बल्कि रागों से बीमारियां दूर भागने की भी शक्ति है। संगीत के विभिन्न रागों से मनुष्य के मानसिक तनाव तथा शारीरिक समस्याओं को नियंत्रित व दूर किया जा सकता है। राग दरबारी, राग मधुवंती, राग भूप, राग शिवरंजनी हृदय, मानसिक समस्या, ब्लड प्रेशर, याददाश्त जैसी बीमारियों को ठीक करने में कारगर हैं।
इसी बात को ध्यान में रखकर राजा मानसिंह संगीत व कला विवि नए सेशन से म्यूजिक थैरेपी कोर्स शुरू करने जा रहा है। इसमें प्रैक्टिकल सत्र भी रखेंगे, जिसके जरिए उन्हें रागों के जरिए बीमारी दूर करना सिखाया जाएगा। प्रत्येक कोर्स में 10 सीटें होंगी। इसकी परीक्षा के बाद विवि छात्रों को डिप्लोमा का सर्टिफिकेट दिया जाएगा।
संगीत में मन के जख्म को भरने की अद्भुत शक्ति होती है। वास्तव में मानसिक रोगों एवं अस्वस्थ व्यक्तित्व के निदान में संगीत एक महत्वपूर्ण औषधि है जो तन-मन को झंकृत कर उसमें उत्साह, आशा, सकारात्मकता एवं स्फूर्ति की नूतन धाराएं संचारित करता है। आज मानसिक चिकित्सा में संगीत की उपयोगिता बढ़ रही है। म्यूजिक थेरेपी द्वारा उपचार किया जा रहा है। यह कई लोगों पर कारगर भी हो चुका है।
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राग खमाजः एसिडिटी दूर होती है।
राग भैरवीः नींद अच्छी आती है।
राग भूपः ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहता है।
राग पीलूः खून की कमी दूर करती है।
राग जय जयवंतीः कमजोरी दूर करने में सहायक।
राग दरबारीः हृदय रोग में लाभकारी होता है।
[quote name="प्रो. स्मिता सहस्त्रबुद्धे, कुलपति, संगीत विवि" quote="विवि में सत्र 2026-27 से म्यूजिक थैरेपी से संबंधित कोर्स शुरू किए जा रहे हैं। कोर्स में 12 वीं पास छात्रों को प्रवेश दिया जाएगा।" st="quote" style="1"]