धोती और चोटी विवाद का कारण!पति ने बनाया अफसर, पत्नी ने तलाक की दे दी अर्जी

पति ने अपनी मेहनत की कमाई से महिला को पढ़ाया और पुलिस में अफसर बनाया। मध्य प्रदेश पुलिस में सब-इंस्पेक्टर बनी महिला ने अपने पति से तलाक की अर्जी दी। महिला का कहना है कि पति की धोती-कुर्ता और सिर पर चोटी की वजह से शर्म महसूस करती है।
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पति ने बनाया अफसर, पत्नी ने तलाक की दे दी अर्जी
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    भोपाल के फैमली कोर्ट में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे सुनकर हर कोई चौंक जाएगा। मध्य प्रदेश पुलिस में सब-इंस्पेक्टर महिला ने अपने पति से तलाक की अर्जी दी। लेकिन सबसे शॉकिंग बात यह है कि पति ने अपनी मेहनत की कमाई से महिला को पढ़ाया-लिखाया और पुलिस अफसर बनाया, अब पत्नी उसके पारंपरिक वेशभूषा धोती-कुर्ता और सिर पर चोटी को लेकर असहज महसूस कर रही है।

    शादी के समय था सब कुछ सामान्य

    जानकारी के अनुसार, शादी के समय महिला ग्रेजुएशन कर रही थी, जबकि पति पंडिताई का काम करता था। पति हमेशा से धोती-कुर्ता पहनता और सिर पर चोटी रखता था। शादी के बाद दांपत्य जीवन सामान्य रहा। महिला ने अपनी शासकीय नौकरी की इच्छा जताई, तो पति ने अपनी कमाई से उसे कोचिंग कराई। कई वर्षों की मेहनत के बाद महिला मध्य प्रदेश पुलिस में सब-इंस्पेक्टर बन गई।

    पदस्थापना के बाद बदला व्यवहार

    नौकरी मिलने और प्रशिक्षण के दौरान कपल का रिश्ता सामान्य रहा, लेकिन मैदानी पदस्थापना के बाद महिला का व्यवहार बदल गया। करीब तीन महीने पहले उसने पति से तलाक की मांग की और भोपाल के परिवार न्यायालय में परिवाद दायर किया।

    पति की पहचान पर सवाल

    महिला का कहना है कि वह अब एक अधिकारी है, और जब उसका पति पारंपरिक वेशभूषा में उसके साथ चलता है, तो उसे असहजता और शर्म महसूस होती है।

    वहीं पति का कहना है कि वह पंडिताई करता है और उसकी धोती-कुर्ता और चोटी उसकी पहचान हैं, जिन्हें वह बदल नहीं सकता। पति ने कोर्ट में कहा कि यह सब सुनकर वह अंदर से टूट गया। शादी के समय पत्नी बेरोजगार थी और उसने अपनी मेहनत की कमाई से उसे पढ़ाया और अफसर बनाया।

    महिला ने परिवार न्यायालय में कहा कि वह पति के साथ तब तक नहीं रहेगी, जब तक वह अपना हुलिया नहीं बदलता। रिश्तेदारों और परिजनों ने समझाने की कोशिश की, लेकिन महिला अपने निर्णय पर अड़ी हुई है।

    पति ने कहा कि वह जबरदस्ती पत्नी को साथ नहीं रख सकता, लेकिन छह साल के रिश्ते को टूटने से बचाने की पूरी कोशिश कर रहा है। उसने अदालत से कहा कि उसने विवाह के समय महिला की पढ़ाई और करियर के लिए अपना सब कुछ दिया, और अब यह बदलाव उसके लिए दुखद है।

    कोर्ट का आदेश

    अदालत ने दोनों पक्षों को एक और मौका दिया है। उन्हें कहा गया है कि वे रिश्ते को बचाने के लिए पुनर्विचार करें। अदालत ने स्पष्ट किया कि तलाक अंतिम विकल्प होना चाहिए और पहले रिश्ते में सुधार की कोशिश करनी चाहिए।

    यह मामला सिर्फ शॉकिंग नहीं, बल्कि आधुनिक जीवनशैली और पारंपरिक रीति-रिवाजों के बीच टकराव का उदाहरण भी है। पति ने पत्नी को अफसर बनाया, पढ़ाया-लिखाया और करियर में आगे बढ़ाया, लेकिन पारंपरिक हुलिये के कारण रिश्ता खतरे में है।

    Garima Vishwakarma
    By Garima Vishwakarma

    गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...Read More

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