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मुंबई। लगातार छह दिनों की तेजी के बाद शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार गिरावट में बंद हुए। सेंसेक्स 344 अंकों की गिरावट के साथ 84,211.88 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 96 अंक फिसलकर 25,795 पर आ गया। यह गिरावट बाजार में मुनाफावसूली और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के कारण आई। निवेशकों ने हाल की रैली के बाद अपने मुनाफे बुक करना शुरू किया, जिससे बाजार का रुख कमजोर हो गया। बाजार में यह गिरावट बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं, एफएमसीजी, आईटी और ऑटो सेक्टर में निवेशकों ने अपने शेयर बेचे। गुरुवार को बाजार मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ था, लेकिन शुक्रवार को शुरुआती सत्र में तेजी के बावजूद अंतिम घंटों में बिकवाली हावी हो गई। एक प्रमुख कारण यह भी रहा कि भारत-अमेरिका के बीच संभावित व्यापार समझौते की खबर से निवेशकों में उत्साह आया था, लेकिन जब इस खबर की आधिकारिक पुष्टि भारतीय पक्ष से नहीं हुई, तो निवेशकों का जोश ठंडा पड़ गया और बाजार नीचे की ओर फिसल गया।
जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार डॉ. वी.के. विजयकुमार ने कहा सकारात्मक खबर की पुष्टि नहीं होने का नतीजा यह रहा कि बायर्स कमजोर पड़ गए जबकि सेलर्स सक्रिय हो गए। इससे शॉर्ट कवरिंग की उम्मीदें भी समाप्त हो गईं। इसका सीधा असर इंडेक्स पर दिखा, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में गिरावट आई। इसके अलावा, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने भी मुनाफावसूली का रास्ता चुना। उन्होंने गुरुवार को करीब 1,165 करोड़ रुपए के शेयर बेचे, जिससे लगातार पांच सत्रों की खरीदारी का सिलसिला टूट गया। जब भी एफआईआई बड़ी मात्रा में शेयर बेचते हैं, तो घरेलू बाजार पर दबाव बनता है क्योंकि विदेशी पूंजी का प्रवाह रुकने से निवेशकों का भरोसा कमजोर पड़ता है।
वहीं, वोलैटिलिटी इंडेक्स (इंडिया विक्स) में भी करीब 1% की बढ़ोतरी होकर यह 11.84 पर पहुंच गया, जो यह संकेत देता है कि बाजार में निवेशकों के मन में थोड़ी अस्थिरता और अनिश्चितता बढ़ रही है। सामान्यतः विक्स बढ़ने का अर्थ है कि आने वाले दिनों में बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है। तकनीकी दृष्टि से भी निफ्टी में सीमित दायरे में कारोबार की संभावना जताई गई है। शुक्रवार को हालांकि कुछ शेयरों में मजबूती भी देखी गई। स्पाइसजेट, शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एससीआई),सम्मन कैपिटल, चोला होल्डिंग्स और ग्रे व्हाइटेक जैसे शेयरों में 6% से 12% तक की तेजी देखने को मिली।
वहीं, फ्यूजन पीपी, सीट लिमिटेड, रेलिस, सुप्रीम इंडस्ट्रीज और जिंदल सॉ जैसी कंपनियों के शेयरों में 3% से 4% तक की गिरावट आई। यह गिरावट बाजार की स्वाभाविक प्रतिक्रिया कही जा सकती है क्योंकि पिछले कुछ दिनों से लगातार तेजी बनी हुई थी। ऐसे में निवेशकों ने प्राफिट बुक करने के लिए बिक्री की, जबकि विदेशी निवेशकों की निकासी और व्यापार समझौते की अनिश्चितता ने बाजार की धारणा कमजोर कर दी। कल्पतरू मल्टीपलायर्स के आदित्य मनिया जैन अनमान जताते हैं कि बाजार निकट भविष्य में 25,800 से 26,000 के दायरे में सीमित उतार-चढ़ाव दिखा सकता है।