10 लाख के डिजिटल ट्रेल ने खोला 50 लाख की रिश्वत का राज, बिहार सीबीआई ने नारकोटिक्स इंस्पेक्टर को किया गिरफ्तार

नीमच। केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन) के नीमच में पदस्थ इंस्पेक्टर सिद्धार्थ श्रीवास्तव को कथित रिश्वतखोरी के मामले में बिहार सीबीआई की विशेष टीम ने गिरफ्तार किया है। कार्रवाई नशीली दवाओं की जब्ती से जुड़े एक मामले में कथित 50 लाख रुपए की रिश्वत की डील की जांच के दौरान सामने आए डिजिटल लेनदेन के आधार पर की गई। यह कार्रवाई गुरुवार देर शाम सिद्धार्थ श्रीवास्तव के सरकारी आवास पर की गई जो देर रात तक चली। गिरफ्तारी के बाद सीबीआई टीम आरोपी इंस्पेक्टर को नीमच कैंट थाने लेकर पहुंची। वहां रात रखने के बाद शुक्रवार सुबह जिला अस्पताल में मेडिकल जांच कराई गई। इसके बाद उन्हें जिला अदालत में पेश किया गया।
इंस्पेक्टर श्रीवास्तव को पटना ले जा सकती है सीबीआई
बिहार सीबीआई ने आगे की पूछताछ और कानूनी प्रक्रिया के लिए आरोपी को पटना ले जाने के लिए ट्रांजिट रिमांड मांगी है।जांच एजेंसी के अनुसार, कथित रिश्वत की रकम का एक हिस्सा ऑनलाइन ट्रांसफर किया गया था। करीब 10 लाख रुपए के डिजिटल ट्रांजैक्शन की जानकारी मिलने के बाद सीबीआई ने उसके बैंकिंग और ऑनलाइन भुगतान रिकॉर्ड को खंगाला। जांच में यह भी सामने आया कि रकम सीधे अधिकारी के खाते में पहुंचने के बजाय कथित तौर पर उनके करीबी रिश्तेदार के खाते में ट्रांसफर की गई।
दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए
सीबीआई ने कार्रवाई के दौरान कई दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी जब्त किए हैं। इनमें पुराने मामलों से संबंधित फाइलें, लैपटॉप, मोबाइल फोन, बैंक पासबुक सहित अन्य डिजिटल सामग्री शामिल है। जांच टीम बैंक खातों, यूपीआई लेनदेन और अन्य डिजिटल पेमेंट रिकॉर्ड के जरिए कथित रकम के पूरे ट्रेल को जोड़ने में जुटी है।
बिचौलियों और अन्य अधिकारियों पर भी नजर
जांच का दायरा अब कथित लेनदेन से जुड़े अन्य लोगों तक भी बढ़ गया है। सीबीआई बिचौलियों, संदिग्ध संपर्कों और अन्य अधिकारियों की भूमिका की पड़ताल कर रही है। एजेंसी यह भी पता लगाने में जुटी है कि एनडीपीएस मामलों में राहत दिलाने के नाम पर कथित तौर पर कोई संगठित नेटवर्क तो सक्रिय नहीं था। फिलहाल मामले में जांच जारी है। इंस्पेक्टर पर लगाए गए आरोप अभी न्यायालय में सिद्ध नहीं हुए हैं। सीबीआई की आगे की जांच के बाद ही कथित 50 लाख रुपए की डील, 10 लाख रुपए के डिजिटल ट्रेल और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की तस्वीर साफ होगी।
रिश्वतखोरी की ठोस शिकायत सीबीआई मुख्यालय पटना को मिली थी
जानकारी के अनुसार इंस्पेक्टर सिद्धार्थ श्रीवास्तव के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत डिजिटल लेन-देन और रिश्वतखोरी की ठोस शिकायत सीबीआई मुख्यालय पटना (बिहार) को मिली थी। तकनीकी जांच और डिजिटल ट्रांजेक्शन के पुख्ता सुराग मिलने के बाद, पटना से सीबीआई की विशेष टीम सीधे नीमच पहुंची और गुरुवार देर रात अधिकारी के सरकारी आवास पर दबिश दी।
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पहले भी सीबीएन अधिकारियों पर हो चुकी है कार्रवाई
- अक्टूबर 2023 में सीबीआई भोपाल की टीम ने सीबीएन अधीक्षक डॉ. राजकुमार गर्ग और एक कथित बिचौलिए को रिश्वत के मामले में गिरफ्तार किया था।
- जुलाई 2025 में जयपुर सीबीआई ने एनडीपीएस केस से नाम हटाने के बदले कथित 53 लाख रुपये मांगने के मामले में एक इंस्पेक्टर और बिचौलिए के खिलाफ कार्रवाई की थी।
- साल 2021 में अफीम तौल से जुड़ी कथित रिश्वतखोरी के मामले में तत्कालीन नारकोटिक्स अधीक्षक समेत कई अधिकारियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किए गए थे।




















