पैंगोलिन तस्कर की दूसरी जमानत अर्जी भी खारिज, आपराधिक रिकॉर्ड देखकर हाईकोर्ट का राहत से इनकार

भारत में सबसे ज्यादा तस्करी होने वाले संरक्षित वन्य जीवों में शामिल पैंगोलिन के तस्कर की दूसरी जमानत अर्जी भी मप्र हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। जस्टिस आरसीएस बिसेन की अदालत ने आरोपी के खिलाफ पूर्व में दर्ज तीन आपराधिक मामलों को देखते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया।
पैंगोलिन तस्कर की दूसरी जमानत अर्जी भी खारिज, आपराधिक रिकॉर्ड देखकर हाईकोर्ट का राहत से इनकार
पैंगोलिन तस्कर की दूसरी जमानत अर्जी भी खारिज

जबलपुर। मिजोरम के कोलासिब जिले के वेगलई मार्केट में रहने वाले लालटन कुंगा की ओर से यह जमानत अर्जी दाखिल की गई थी। स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स की रीजनल यूनिट, जबलपुर ने वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत अपराध दर्ज कर उसे 15 दिसंबर 2025 को हिरासत में लिया था। 16 मार्च 2026 को पहली जमानत अर्जी खारिज होने के बाद चार माह बाद दूसरी अर्जी दाखिल की गई थी। अदालत ने अपराध गंभीर मानते हुए जमानत का लाभ देना उचित नहीं माना।

पहली जमानत अर्जी मार्च में हुई थी खारिज

मप्र हाईकोर्ट ने 16 मार्च 2026 को आरोपी की पहली जमानत अर्जी खारिज कर दी थी। उस समय अदालत ने कहा था कि चार महीने बाद आरोपी नई जमानत अर्जी दाखिल कर सकता है। इसके बाद आरोपी की ओर से दूसरी जमानत अर्जी दाखिल की गई, जिस पर जस्टिस आरसीएस बिसेन की अदालत में सुनवाई हुई।

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राज्य सरकार ने रखीं अपनी दलीलें

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से उप शासकीय अधिवक्ता शिखा बघेल ने दलीलें रखीं। सुनवाई के बाद अदालत ने पाया कि आरोपी के खिलाफ पहले ही ऐसे ही तीन और मामले दर्ज हैं। चूंकि अपराध गंभीर है, इसलिए अदालत ने आरोपी को जमानत का लाभ देना उचित नहीं माना और दूसरी जमानत अर्जी भी खारिज कर दी।

पूरे प्रदेश में 12 सितंबर को लगेगी नेशनल लोक अदालत

शनिवार 12 सितंबर को पूरे प्रदेश में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। तालुका से लेकर हाईकोर्ट तक मुकदमों का निराकरण आपसी सहमति के आधार पर किया जाएगा। सुनवाई के लिए मप्र उच्च न्यायालय की तीनों बेंचों में 7 और अधीनस्थ न्यायालयों में 1420 खण्डपीठों का गठन किया गया है।

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1.30 लाख से ज्यादा मामले सुनवाई के लिए सूचीबद्ध

प्रदेश में कुल 1427 खण्डपीठों के सामने 1 लाख 30 हजार से अधिक मामले और 3 लाख प्री-लिटिगेशन के मामले सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किए गए हैं। मप्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की सदस्य सचिव सुमन श्रीवास्तव ने पक्षकारों से मुकदमों का निराकरण कराने के लिए विधिक सेवा समिति में संपर्क करने की अपील की है।

Rohit Sharma
By Rohit Sharma

पीपुल्स इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया स्टडीज, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय...

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