गुवाहाटी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने शनिवार को गोपीनाथ बोरदोलोई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के नए टर्मिनल का उद्घाटन किया। इस मौके पर पीएम मोदी ने असम के ऐतिहासिक योगदान को याद करते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि आजादी से पहले के दौर में जब मुस्लिम लीग और ब्रिटिश हुकूमत देश के विभाजन की जमीन तैयार कर रहे थे, तब असम को पूर्वी पाकिस्तान में शामिल करने की साजिश भी रची जा रही थी। उस समय कांग्रेस उस दिशा में बढ़ती दिख रही थी, लेकिन गोपीनाथ बोरदोलोई ने अपनी ही पार्टी के खिलाफ खड़े होकर असम को देश से अलग होने से बचाया।
प्रधानमंत्री (PM Modi) ने कहा कि कांग्रेस की सरकारों के लिए असम और पूरा नॉर्थ-ईस्ट कभी प्राथमिकता में नहीं रहा। उनका रवैया उपेक्षापूर्ण था—वे सवाल करते थे कि असम या पूर्वोत्तर में जाता ही कौन है, फिर वहां आधुनिक एयरपोर्ट, रेलवे या हाईवे की जरूरत क्या है। इसी सोच के कारण दशकों तक यह क्षेत्र विकास से वंचित रहा। पीएम मोदी ने दावा किया कि कांग्रेस की जिन गलतियों ने असम को पीछे धकेला, उनकी भरपाई मौजूदा सरकार एक-एक करके कर रही है।
पीएम मोदी ने कहा कि वर्ल्ड-क्लास एयरपोर्ट और बेहतर कनेक्टिविटी किसी भी राज्य के आत्मविश्वास को बढ़ाती है और नए अवसर खोलती है। जब असम में शानदार सड़कें और नई परियोजनाएं आकार लेती हैं, तो यह अहसास होता है कि राज्य के साथ अब न्याय हो रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा की डबल इंजन सरकार में असम और नॉर्थ-ईस्ट में विकास की धारा उसी तरह बह रही है, जैसे ब्रह्मपुत्र की विशाल धाराएं कभी नहीं रुकतीं। नए एयरपोर्ट टर्मिनल का उद्घाटन इसी संकल्प का प्रतीक है।
प्रधानमंत्री ने भारत की आर्थिक दिशा पर बात करते हुए कहा कि देश दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर बढ़ रहा है। पिछले 11 वर्षों में इस परिवर्तन की नींव आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर ने रखी है। 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य में हर राज्य की भूमिका अहम है। ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ के तहत पूर्वोत्तर को प्राथमिकता दी गई है और असम अब भारत के ईस्टर्न गेटवे के रूप में उभर रहा है, जो देश को आसियान देशों से जोड़ने वाला सेतु बनेगा।