Manisha Dhanwani
5 Feb 2026
Manisha Dhanwani
5 Feb 2026
Aakash Waghmare
2 Feb 2026
इंदौर में पांच साल पहले ब्याही गई पाकिस्तानी युवती निकिता ने अब पूरा मामला उलटते हुए एक आक्रामक कानूनी युद्ध छेड़ दिया है। कराची में बैठी निकिता ने सीधा इंदौर हाईकोर्ट का दरवाज़ा खटखटाते हुए अपने पति विक्रम नागदेव के खिलाफ गंभीर आरोपों की फाइल खोल दी है। दूसरी तरफ भारत का गृह मंत्रालय खुद मैदान में उतर आया है, और विक्रम के हर दस्तावेज, उसकी हर गतिविधि और उसके पूरे नेटवर्क पर शिकंजा कसने की तैयारी कर चुका है।
निकिता ने विक्रम नागदेव, उसकी नई मंगेतर शिवानी ढींगरा, भारत के विदेश मंत्रालय, गृह मंत्रालय, आयकर विभाग, इंदौर कलेक्टर, इंदौर पुलिस कमिश्नर और सिंधी पंचायत के अध्यक्ष किशोर कोडवानी सभी को कटघरे में खड़ा कर दिया है। यह स्पष्ट संकेत है कि यह मामला सिर्फ पति-पत्नी का नहीं, बल्कि दस्तावेज़ फर्जीवाड़े, अवैध निवास और बड़े पैमाने की क्रॉस बॉर्डर मैनिपुलेशन से जुड़ा हो सकता है।
गृह मंत्रालय की एंट्री: विक्रम की संपत्ति, पहचान और दस्तावेज़ों की गहन पूछताछ शुरू
जांच ने अब तेज रफ्तार पकड़ ली है। गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने गोपनीय तरीके से विक्रम से जुड़े दस्तावेज उठाना शुरू कर दिए हैं। मंत्रालय के एक अधिकारी ने नाम उजागर न करने की शर्त पर बताया कि विक्रम नागदेव ने भारत में रहते हुए अपने नाम से जितनी भी संपत्तियाँ खरीदी हैं, उन सभी की बारीकी से जांच की जाएगी।
शादी का सबूत पाकिस्तान का मैरिज सर्टिफिकेट , विक्रम को पाकिस्तानी नागरिक दर्शाता दस्तावेज़
निकिता ने हाईकोर्ट में सबसे बड़ा हथियार मैरिज सर्टिफिकेट को बनाया है।जो पाकिस्तान सरकार द्वारा जारी किया गया है। इस प्रमाणपत्र में साफ लिखा है कि 20 जनवरी 2020 को हुई इस शादी में दोनों, यानी निकिता और विक्रम, को पाकिस्तानी नागरिक दर्ज किया गया है। यही दस्तावेज़ अब इस पूरे विवाद का सबसे बड़ा धमाका साबित हो रहा है।