पाकिस्तानी बहू ने इंदौर हाईकोर्ट का दरवाज़ा खटखटातए.. फर्जी दस्तावेज़ों पर भारत में छिपा बैठा पति

इंदौर में पांच साल पहले ब्याही गई पाकिस्तानी युवती निकिता ने अब पूरा मामला उलटते हुए एक आक्रामक कानूनी युद्ध छेड़ दिया है। कराची में बैठी निकिता ने सीधा इंदौर हाईकोर्ट का दरवाज़ा खटखटाते हुए अपने पति विक्रम नागदेव के खिलाफ गंभीर आरोपों की फाइल खोल दी है। दूसरी तरफ भारत का गृह मंत्रालय खुद मैदान में उतर आया है, और विक्रम के हर दस्तावेज, उसकी हर गतिविधि और उसके पूरे नेटवर्क पर शिकंजा कसने की तैयारी कर चुका है।
सोमवार को दायर याचिका में निकिता ने हाईकोर्ट से मांग की है कि विक्रम नागदेव को तत्काल पाकिस्तान डिपोर्ट किया जाए और उसे दूसरी शादी जैसी धोखाधड़ी व आपराधिक हरकतों से रोका जाए। निकिता की तरफ से यह याचिका एडवोकेट दिनेश रावत ने दायर की है और इस पूरे मामले की सुनवाई अगले सप्ताह हाईकोर्ट में भड़क सकती है।
निकिता ने विक्रम नागदेव, उसकी नई मंगेतर शिवानी ढींगरा, भारत के विदेश मंत्रालय, गृह मंत्रालय, आयकर विभाग, इंदौर कलेक्टर, इंदौर पुलिस कमिश्नर और सिंधी पंचायत के अध्यक्ष किशोर कोडवानी सभी को कटघरे में खड़ा कर दिया है। यह स्पष्ट संकेत है कि यह मामला सिर्फ पति-पत्नी का नहीं, बल्कि दस्तावेज़ फर्जीवाड़े, अवैध निवास और बड़े पैमाने की क्रॉस बॉर्डर मैनिपुलेशन से जुड़ा हो सकता है।
गृह मंत्रालय की एंट्री: विक्रम की संपत्ति, पहचान और दस्तावेज़ों की गहन पूछताछ शुरू
जांच ने अब तेज रफ्तार पकड़ ली है। गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने गोपनीय तरीके से विक्रम से जुड़े दस्तावेज उठाना शुरू कर दिए हैं। मंत्रालय के एक अधिकारी ने नाम उजागर न करने की शर्त पर बताया कि विक्रम नागदेव ने भारत में रहते हुए अपने नाम से जितनी भी संपत्तियाँ खरीदी हैं, उन सभी की बारीकी से जांच की जाएगी। सिर्फ इतना ही नहीं ,विक्रम का आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य सरकारी दस्तावेज़ भी शक के घेरे में हैं। मंत्रालय ने कलेक्टर ऑफिस से सिंधी पंचायत द्वारा भेजी गई शिकायत की कॉपी भी अपने कब्जे में लेने को कहा है, जिसमें साफ आरोप था कि विक्रम भारत में अवैध रूप से रह रहा है और सरकारी दस्तावेज़ ग़लत तरीके से तैयार कर संपत्तियाँ खरीद रहा है। अब यह शिकायत गृह मंत्रालय के रिकॉर्ड में पहुंच चुकी है और मामला कहीं और ज्यादा गंभीर रूप पकड़ सकता है। सूत्रों का कहना है कि मंत्रालय ने हाईकोर्ट में दायर याचिका की पूरी डिटेल भी खंगाली है, जिससे विक्रम की कथित अवैध गतिविधियों की कई परतें खुल सकती हैं।
शादी का सबूत पाकिस्तान का मैरिज सर्टिफिकेट , विक्रम को पाकिस्तानी नागरिक दर्शाता दस्तावेज़
निकिता ने हाईकोर्ट में सबसे बड़ा हथियार मैरिज सर्टिफिकेट को बनाया है।जो पाकिस्तान सरकार द्वारा जारी किया गया है। इस प्रमाणपत्र में साफ लिखा है कि 20 जनवरी 2020 को हुई इस शादी में दोनों, यानी निकिता और विक्रम, को पाकिस्तानी नागरिक दर्ज किया गया है। यही दस्तावेज़ अब इस पूरे विवाद का सबसे बड़ा धमाका साबित हो रहा है। निकिता का कहना है कि यह शादी अब भी वैध हैकोई तलाक नहीं हुआ। फिर भी विक्रम दिल्ली की शिवानी ढींगरा से सगाई कर चुका है। यह सीधा-सीधा धोखा, छल और आपराधिक मंशा का मामला है। निकिता ने आरोप लगाया कि शादी के महज तीन महीने बाद ही उसके ससुराल वालों ने उसे धमकियों और दबाव में जबरन पाकिस्तान भेज दिया। उसके मुताबिक यह पूरी साजिश उसे हटाकर विक्रम के लिए नया रास्ता तैयार करने के लिए की गई थी।




















