Manisha Dhanwani
12 Jan 2026
बेंगलुरु। भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने शनिवार को खुलासा किया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान को भारी नुकसान पहुंचाया गया। उन्होंने बताया कि इस ऑपरेशन में पाकिस्तान के पांच लड़ाकू विमान मार गिराए गए, जबकि एक सर्विलांस एयरक्राफ्ट को लगभग 300 किलोमीटर की दूरी से निशाना बनाकर तबाह किया गया। यह सतह से हवा में लक्ष्य साधने का अब तक का सबसे लंबी दूरी का रिकॉर्ड है।
एयरफोर्स चीफ ने बेंगलुरु के HAL मैनेजमेंट अकादमी ऑडिटोरियम में आयोजित एयर चीफ मार्शल एलएम कात्रे मेमोरियल लेक्चर के 16वें संस्करण में कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान एयर डिफेंस सिस्टम ने शानदार प्रदर्शन किया। पाकिस्तान हमारी रक्षा प्रणाली को भेदने में नाकाम रहा। हाल ही में खरीदे गए S-400 एयर डिफेंस सिस्टम इस ऑपरेशन में गेम-चेंजर साबित हुए। पाकिस्तान के पास लंबी दूरी के ग्लाइड बम होने के बावजूद वह इनका इस्तेमाल नहीं कर सका।
एपी सिंह ने बताया कि पाकिस्तान के बहावलपुर में किए गए हमले के पहले और बाद की तस्वीरें साफ तौर पर दिखाती हैं कि वहां कुछ भी नहीं बचा था। उन्होंने कहा कि ये तस्वीरें केवल सैटेलाइट से ही नहीं बल्कि स्थानीय मीडिया द्वारा तबाह इमारतों के अंदर से ली गईं, जिससे हमले के प्रभाव की पुष्टि हुई।
वायुसेना प्रमुख ने कहा कि ऑपरेशन की सफलता का एक बड़ा कारण राजनीतिक इच्छाशक्ति थी। हमें स्पष्ट निर्देश और पूरी छूट दी गई थी कि कितनी गहराई तक कार्रवाई करनी है। योजना बनाने और उसे लागू करने की आजादी मिली। तीनों सेनाओं के बीच बेहतरीन तालमेल रहा और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) की भूमिका ने इस समन्वय को और मजबूत किया।
उन्होंने बताया कि यह एक उच्च तकनीक वाला युद्ध था, जो 80 से 90 घंटे तक चला। इस दौरान पाकिस्तान को इतना नुकसान हुआ कि उसने समझ लिया कि अगर युद्ध जारी रहा तो कीमत और ज्यादा चुकानी पड़ेगी। नतीजतन, पाकिस्तान ने हमारे डीजीएमओ को संदेश भेजकर बातचीत की इच्छा जताई, जिसे भारत ने स्वीकार किया।
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एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने कहा कि 2019 में बालाकोट एयरस्ट्राइक के बाद सबूत पेश न कर पाने पर सवाल उठे थे। इस बार हम न केवल निर्णायक कार्रवाई करने में सफल रहे, बल्कि दुनिया को यह दिखाने में भी सक्षम रहे कि हमने क्या हासिल किया है। इससे बालाकोट को लेकर उठने वाले सभी सवाल खत्म हो गए।
उन्होंने कहा कि युद्ध में कई बार लोग भावनाओं में बह जाते हैं। मेरे कुछ करीबी लोगों ने भी कहा कि हमें और हमला करना चाहिए था, लेकिन यह जरूरी है कि लक्ष्य हासिल होने के बाद युद्ध रोकने के मौके तलाशे जाएं। इस बार देश ने युद्ध रोकने का सही निर्णय लिया।