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उदयपुर :लीला पैलेस होटल पर लगे प्राइवेसी उल्लंघन के आरोप, कोर्ट ने 10 लाख का जुर्माना लगाया, यहीं रुके थे ट्रंप के बेटे

कोर्ट ने होटल को शिकायतकर्ता को 55 हजार 500 रुपए का पूरा रूम टैरिफ वापस करने का निर्देश भी दिया। क्योंकि दी गई सेवा मौलिक रूप से खराब थी>
लीला पैलेस होटल पर लगे प्राइवेसी उल्लंघन के आरोप, कोर्ट ने 10 लाख का जुर्माना लगाया, यहीं रुके थे ट्रंप के बेटे

उदयपुर में मौजूद लीला पैलेस होटल अपनी लग्जरी सुविधाओं, हाई- प्रोफाइल सुइट्स के लिए देशभर में मशहूर है। लेकिन इन दिनों होटल विवादों के घेरे में है दरअसल लग्जरी प्रॉपर्टी पर प्राइवेसी उल्लंघन के आरोप लगे हैं। इतना ही नहीं मामला बढ़ने पर कोर्ट ने होटल पर 10 लाख का जुर्माना भरने का आदेश दिया है। जिससे होटल की छवि पर बुरा असर पड़ा है।

क्या है निजता उल्लंघन का पूरा मामला?

दरअसल होटल में बर्थ-डे बैबीमून सेलिब्रेट करने आए कपल ने निजता तोड़ने का आरोप लगाया है। मामला तमिलनाडु की उपभोक्ता कोर्ट तक पहुंचा जहां कोर्ट ने होटल को 10 लाख जुर्माना कपल को वापिस करने का आदेश जारी किया। साथ ही गेस्ट का होटल किराया भी रिफंड करने को कहा है। बता दें यह वहीं होटल है जहां पिछले साल अमेरिकी राष्ट्रपित डोनाल्ड ट्रंप के बेटे जूनियर ट्रंप अपनी गर्लफ्रेंड का साथ रूके थे। जहां वे अमेरिकी बिजनेसमैन की शादी अटैंड करने आए थे। 

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कपल ने बुक किया था 55 हजार का रूम

इस मामले में चेन्नई की जिला उपभोक्ता विवाद निवारण ने जानकारी दी कि कपल बैबीमून को सेलिब्रेट करने जनवरी 2025 में उदयपुर पहुंचा था। यहां कपल ने 'ग्रैंड रूम विद लेक व्यू' रूम की बुकिंग की थी, जिसकी कीमत 55 हजार रुपए थी लेकिन होटल प्रबंधन द्वारा उन्हें च्वाइस का रूम नहीं दिया। इसका कारण सामने नहीं आया है, जिसके बाद उन्हें दूसरा रूम दिया गया। इससे नाराज कपल ने इसकी शिकायत की। जिसके बाद उन्हें लेक व्यू साइट का रूम दिया गया। 

'नो सर्विस' चिल्लाने के बावजूद कमरे में घुसा वेटर

बता दें इस मामले की महिला शिकायतकर्ता जो पेशे से वकील है, वे बोंली कि जब वह और उनके पति बॉथरूम में थे, तो अचानक हाउसकीपिंग स्टॉफ ने मास्टर की चाबी का यूज कर वॉशरूम में आ गया। उनके नो सर्विस चिल्लाने के बाद भी स्टॉफ रूम से बाहर नहीं निकला और बॉथरूम में झांकने की कोशिश की, जिससे उन्हें मानसिक पीड़ा पहुंची है।

जानिए कंज्यूमर कोर्ट का फैसला

कंज्यूमर कोर्ट ने अपने अहम फैसले में स्पष्ट किया है कि किसी भी होटल की आंतरिक एसओपी (Standard Operating Procedures) अतिथि के मौलिक अधिकारों से ऊपर नहीं हो सकतीं। अदालत ने माना कि डोरबेल बजाने के एक मिनट से भी कम समय में होटल स्टाफ का कमरे में प्रवेश करना न केवल अनुचित था, बल्कि यह अतिथि की निजता का गंभीर उल्लंघन भी है, विशेषकर उस स्थिति में जब दंपति वॉशरूम में मौजूद थे।

जहां कोर्ट ने इस मामले में होटल ‘द लीला पैलेस, उदयपुर’ को दोषी ठहराते हुए निर्देश दिया कि वह पीड़ित दंपति को 10 लाख रुपये का मुआवजा अदा करे। इसके अलावा होटल को कमरे के ₹55,000 किराये की राशि 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ लौटाने और ₹10,000 मुकदमेबाजी खर्च का भुगतान करने का भी आदेश दिया गया है। यह पूरी राशि दो माह की अवधि के भीतर चुकानी होगी।

Aakash Waghmare
By Aakash Waghmare

आकाश वाघमारे | MCU, भोपाल से स्नातक और फिर मास्टर्स | मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर के तौर पर 3 वर्षों का क...Read More

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