झीलों का शहर बना गुलाबों की राजधानी, दो दिन में उमड़ा जनसैलाब

राजधानी भोपाल के लिंक रोड नंबर-1 स्थित गुलाब उद्यान में आयोजित 45वीं अखिल भारतीय गुलाब प्रदर्शनी अब सफलतापूर्वक संपन्न हो गई है। दो दिनों तक चले इस भव्य आयोजन में गुलाब प्रेमियों का सैलाब उमड़ा और पूरे परिसर में फूलों के राजा गुलाब की खुशबू बिखरी रही।
इस प्रदर्शनी में देशभर से लाई गई लगभग 170 प्रजातियों के गुलाब एक साथ देखने को मिले। अलग-अलग रंग, आकार और खुशबू वाले गुलाबों ने लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। गुलाब उद्यान 9 से 11 जनवरी तक मानो रंगों और खुशबू की दुनिया बन गया था।
रॉयल फैमिली ऑफ रोज बनी आकर्षण का केंद्र
प्रदर्शनी में रॉयल फैमिली ऑफ रोज को खास तौर पर सजाया गया था। इसमें किंग ऑफ शो, क्वीन ऑफ शो, प्रिंस ऑफ शो और प्रिंसेस ऑफ शो जैसे बेहतरीन गुलाबों को अलग सेक्शन में प्रदर्शित किया गया। यह हिस्सा दर्शकों के लिए सबसे बड़ा आकर्षण रहा, जहां लोग फोटो लेते और गुलाबों की किस्मों के बारे में जानकारी लेते नजर आए।
हजारों लोगों ने किया गुलाबों का दीदार
प्रदर्शनी के दौरान सुबह से लेकर शाम तक गुलाब उद्यान में भीड़ बनी रही। परिवार, युवा, बच्चे और बुजुर्ग हर उम्र के लोग यहां गुलाब देखने पहुंचे। अंतिम दिन तो हालात ऐसे रहे कि गुलाब उद्यान पूरी तरह गुलाब प्रेमियों से भर गया।
MP रोज सोसायटी का संयुक्त आयोजन
इस प्रदर्शनी का आयोजन उद्यानिकी विभाग और मध्यप्रदेश रोज सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में किया गया था। प्रदर्शनी में भाग लेने के लिए गुलाब उत्पादकों से 6 जनवरी 2026 तक ऑनलाइन और ऑफलाइन आवेदन मांगे गए थे। इसके बाद 7 और 8 जनवरी को रोज सोसायटी और उद्यानिकी विभाग की टीम ने गुलाब उद्यानों का निरीक्षण किया। 9 जनवरी को घरों में गमलों में उगाए गए गुलाबों का प्रदर्शन हुआ, जबकि 10 जनवरी को कट-फ्लावर कैटेगरी के गुलाब प्रदर्शित किए गए।
तीन श्रेणियों में हुई प्रतियोगिता
इस अखिल भारतीय गुलाब प्रदर्शनी में प्रतियोगिता को तीन श्रेणियों में बांटा गया था। गमलों में उगाए गए गुलाब, बगिया और खेतों में उगाए गए गुलाब, टैरेस गार्डन में तैयार गुलाब भोपाल और आसपास के करीब 40 किलोमीटर क्षेत्र में विकसित गुलाब उद्यानों को प्रतियोगिता में शामिल किया गया।
फूलों के उत्पादन में MP दूसरे स्थान पर
आयुक्त उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण अरविंद दुबे ने बताया कि मध्यप्रदेश फूलों के उत्पादन में देश में दूसरे स्थान पर है। राज्य सरकार फूलों की खेती को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है और यही वजह है कि हर साल भोपाल में गुलाब प्रदर्शनी का आयोजन किया जाता है।
उन्होंने कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताएं गुलाब उत्पादकों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देती हैं और किसानों को नई तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित करती हैं।
विजेताओं को मिले पुरस्कार
प्रदर्शनी के अंतिम दिन 11 जनवरी को पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया। बेहतरीन गुलाब उगाने वाले उत्पादकों और प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। इसके साथ ही 45वीं अखिल भारतीय गुलाब प्रदर्शनी का औपचारिक समापन हुआ।




















